रांचीः झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस राजेश कुमार की खंडपीठ में राज्य में 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति जल्द से जल्द करने की मांग को लेकर दाखिल समाजसेवी ज्यां द्रेज की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जेएसएससी की ओर से सहायक आचार्य रिजल्ट के प्रकाशन के संबंध में परिणाम प्रकाशित करने का टाइम लाइन बताया गया है। इसके बाद अदालत ने मामले में सुनवाई स्थगित कर दी।
जेपीएससी की ओर से दाखिल शपथ पत्र में कहा गया है कि जिसमें सितंबर माह के द्वितीय सप्ताह में सहायक आचार्य के अंतिम रिजल्ट का प्रकाशन कर दिया जाएगा। जिसके तहत सहायक आचार्य के ग्रेजुएट लेवल ट्रेंड टीचर (कक्षा 6 से 8) के मैथ एवं साइंस टीचर के लिए जुलाई के प्रथम सप्ताह में रिजल्ट प्रकाशित कर दिया जाएगा। सामाजिक विज्ञान के टीचर के लिए जुलाई के तृतीय सप्ताह में रिजल्ट प्रकाशित होगा और भाषा टीचर के लिए अगस्त के प्रथम सप्ताह में रिजल्ट प्रकाशित होगा। इंटरमीडिएट ट्रेंड टीचर (कक्षा 1 से 5) के शिक्षकों के लिए सितंबर के द्वितीय सप्ताह में रिजल्ट प्रकाशित कर दिया जाएगा। अदालत ने जेएसएससी के टाइमलाइन को स्वीकार कर लिया।
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दरअसल, झारखंड के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर 26,001 सहायक आचार्य की नियुक्ति होनी है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने झारखंड के स्कूलों में सहायक आचार्य की नियुक्ति की प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी जताई थी। खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रस्तावित समय-सीमा को जनवरी 2026 को कम करें और सुनिश्चित करें कि शिक्षकों की नियुक्ति दो या तीन महीने के भीतर हो जाए।
8 अप्रैल 2025 को राज्य सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग ने कोर्ट को बताया था कि राज्य में 26,000 सहायक आचार्य की नियुक्ति जल्द कर ली जाएगी। मामले में शपथ पत्र के माध्यम से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के संदर्भ में समय-सीमा प्रस्तुत किया था। प्रस्तावित समय-सीमा के अनुसार, शिक्षकों की नियुक्ति में जनवरी 2026 तक का समय लगने की बात कही गई थी। जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी और समय सीमा को कम करने को कहा था।
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