‘बंटोगे तो कटोगे’ का जवाब हेमंत सोरेन ने अनेकता में एकता से दिया, विश्वास करने के लिए झारखंडियों का शुक्रिया कहा

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रांचीः  झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद हेमंत सोरेन ने अपने अंदाज में राज्य की जनता को संदेश दिया है । हेमंत सोरेन ने चुनाव प्रचार के दौरान विभाजनकारी नारों का जवाब अनेकता में एकता की बात से कही । हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार संवेदनशीलता के साथ काम करेगी और  झारखंड के माथे से पिछड़ेपन का कलंक मिटाएगी । 

हेमंत सोरेन का राज्य का नाम संदेश

हमारी सरकार की नजरें और आवाज़ और काम है वो इस राज्य में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे । झारखंड देश का सबसे पिछड़ा राज्य है । हम सब संकल्प लें और काम करें और पिछड़ेपन के कलंक को सब मिलकर खत्म करेंगे । अग्रणी राज्य की क़तार में खड़े होने का भरपूर प्रयास करेंगे । नौजवान किसान मज़दूर और महिलाओं तक सरकार की योजनाएं पहुंचे इसकी कोशिश करेंगे ।

अनेकता में है एकता

अनेकता में एकता इस देश की और राज्यों की भी ताक़त है । कोई एक व्यक्ति आगे लेकर नहीं जा सकता है । जितना महत्व उद्योग का है उतना ही महत्वपूर्ण है खेतीबाड़ी का महत्व है । सरकार को राज्य की जनता भी हमें सुझाव दे सकती है । हम झारखंड की भावना के अनुरूप राज्य की समस्याओं का समाधान करने की कोशिश करुंगा । आप हमारे साझेदार होंगे । अबुआ राज , अबुआ दिशोम के साथ सोना झारखंड और हीरा झारखंड को कहावत से निकाल हकीकत में निकलेंगे । हम पर विश्वास में करने के लिए बहुत शुक्रिया  । यह राज्य पूरी ताक़त के साथ नए और विकसित राज्य की ओर आगे बढ़ेगा । इस सरकार के पास है संवेदनशीलता और भावनाएं भी हैं ।

हेमंत ने बुके नहीं बुक की बात कही

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मिलने आने वालों से कहा है कि वे बुक नहीं बुके लेकर आए। पिछली बार भी समर्थकों ने उन्हें किताबें भी दीं थी । हेमंत सोरेन ने कहा कि उनके द्वारा दी गई किताबें जेल के दौरान उन्होंने पढ़ी ।

 

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