देश में कांग्रेस के अलावा कोई भी विपक्ष खड़ा नहीं हो सकता- अविनाश पांडेय

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March 5, 2022

केसीआर के झारखंड दौरे के बाद गैर भाजपा-गैर कांग्रेस मोर्चा तैयार करने की चर्चा शुरू
रांची। झारखंड कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडेय शनिवार सुबह तीन दिवसीय दौरे पर रांची पहुंचे। अविनाश पांडेय ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव के रांची दौरे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वे भी यूपीए घटक के रूप में रह चुके है, उनकी विचाराधारा भी एक समान है, भाजपा को रोकने के लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा। देश में बदलाव लाना है, तो इस प्रकार बंटकर रहने से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस ने पहले भी देश को नेतृत्व दिया है और यह बात सभी लोग जानते है कि देश में कांग्रेस के अलावा कोई भी विपक्ष खड़ा नहीं हो सकता।
पार्टी संगठन को मजबूत बनाने , संगठन और सरकार के बीच समन्वय बनाने तथा कार्यकर्त्ताओं में उत्साह का संचार करने के लिए रांची पहुंचे कांग्रेस प्रभारी ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कार्यकर्त्ताओं, सरकार और संगठन के बीच बेहतर संवाद स्थापित होने से ना सिर्फ सरकार में बेहतर कामकाज होगा, बल्कि पार्टी की आतंरिक लोकतंत्र को भी मजबूती मिलेगी। एयरपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की और पार्टी के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे समेत अन्य नेताओं ने प्रभारी अविनाश पांडेय का स्वागत किया।

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झारखंड कांग्रेस प्रभारी का चार्ज लेने के बाद अविनाश पांडे ने संगठन पर काम शुरू किया है। जिसके तहत हाल ही में गिरिडीह में प्रदेश कांग्रेस का एक चिंतनशिविर आयोजित किया गया था। जिसमें राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कई केंद्रीय नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं और प्रदेश नेताओं तक ने हिस्सा लिया। अविनाश पांडे के मुताबिक, इस कवायद का मकसद जमीनी स्तर पर मौजूद मुद्दों को समझना था। जिससे सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के लिए उठ रहे मसलों को चिन्हित किया जा सके। कांग्रेस ने इसके मद्देनजर अगले सौ दिनों का एक रोडमैप तैयार किया है।

सभी पांच मंडलों में संवाद सम्मेलन
झारखंड में कांग्रेस की तैयारी के अगले चरण में सभी पांच मंडलों में संवाद सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। ये 5-7 मार्च और 12-13 मार्च को क्रमशरू हजारीबाग, दुमका, रांची, डाल्टनगंज और जमशेदपुर में होगा। इसमें प्रदेश प्रतिनिधियों के अलावा, जिला कांग्रेस से लेकर ब्लॉक, पंचायत और बूथ समितियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसके अलावा प्रदेश के सभी फ्रंटल के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। हर सम्मेलन में 800 से 1100 प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।

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संवाद के बाद शुरू होगा प्रशिक्षण शिविर
संवाद सम्मेलनों का मकसद डिजिटल तरीके से चल रहे कांग्रेस सदस्यता अभियान में तेजी लाना है। साथ ही प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर सभी के लिए अगले सौ दिनों को कार्यक्रम की रूपरेखा बनाना है। अगले 30 दिनों में बूथ स्तर पर समितियों को तैयार किया जाएगा। संवाद सम्मेलन के जरिए कांग्रेस मेनिफेस्टो को जमीन पर लागू कराने की समीक्षा की जाएगी। वहीं, मोदी सरकार की नीतियों के चलते आम लोगों को हो रही दिक्कतों पर चर्चा की जाएगी। फीडबैक लेने के बाद इनके खिलाफ जनांदोलन की रूप-रेखा तैयार करने में मदद मिलेगी। अविनाश पांडे का कहना था कि संवाद सम्मेलन के बाद हर जिले में प्रशिक्षण शिविर शुरू किया जाएगा। ताकि विभिन्न इकाइयों में लगातार संपर्क और संवाद बना रहे।

अविनाश पांडे ने बताया कि इस कवायद के बाद जेएमएम और हेमंत सोरेन सरकार के साथ बेहतर तालमेल के लिए एक औपचारिक समन्वय समिति बनेगी। जल्द ही हम इसे अंजाम देंगे। कांग्रेस नेता इस बारे में जल्द ही सीएम हेमंत सोरेन से मिलकर इस बारे में बात करेंगे। अभी तक समन्वय का काम हो रहा था, लेकिन वो अनौपचारिक तौर पर था। वहीं, जेएमएम और अन्य घटक के साथ मिलकर कांग्रेस मेनिफेस्टो पर भी काम करेगी। पार्टी जानना चाहती है कि सरकार में पार्टी के घोषणापत्र के आधार पर कितना काम हुआ है।

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