रांची: हेमंत सोरेन सरकार में होने वाले कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले कांग्रेस कोटे से मंत्री रहे बादल पत्रलेख का विरोध शुरू हो गया है। हेमंत सोरेन और चंपाई सोरेन की सरकार में कृषि मंत्री रहे बादल पत्रलेख को मंत्री नहीं बनाये जाने की मांग को लेकर कृषि मित्र कांग्रेस दफ्तर में धरने पर बैठ गए है।
धरने पर बैठे कृषि मित्रों का कहना है कि सरकार पिछले 14 सालों से कृषि मित्रों से हर विभाग में काम कराया जा रहा है फिर भी हमारा मानदेय नहीं बढ़ाया गया है। पूर्व में कृषि मंत्री रहे बादल पत्रलेख सिर्फ हमें झूठा आश्वासन देते रहे कि सरकार से बातचीत चल रही है, जल्द मानदेय बढ़ाया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हम ऐसे निक्कमे मंत्री को फिर से कृषि मंत्री बनाये जाने का विरोध करते है, अगर बादल पत्रलेख को मंत्री बनाया गया तो हम सब कांग्रेस को वोट नहीं देने को लेकर हर विधानसभा क्षेत्र में अभियान चलाएंगे। किसान मित्र गरीब है , करीब 12 से 14 हजार किसान मित्र कृषि से किसी तरह से अपना जीवन चला रहे है, हम लोग मजबूर होकर कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठ गए है। सरकार को हमारी ओर देखना चाहिए हमारी मांग माननी चाहिए, हम अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते है।




