कटिहार-साहिबगंज के बीच गंगा नदी में फेरी सेवा का टेंडर रद्द करने से हाईकोर्ट का इंकार, राज्य सरकार से तीन हफ्ते में मांगा जवाब

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June 19, 2024

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रांची :झारखंड उच्च न्यायालय ने आज राज्य सरकार को कटिहार और साहिबगंज के बीच गंगा नदी में फेरी सेवा की निविदा प्रक्रिया में विसंगतियों का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि वह एकपक्षीय आदेश पारित नहीं करेगी और राज्य को जवाबी हलफनामा दायर करने देगी जवाबी हलफनामा तीन सप्ताह के भीतर दाखिल करना होगा। याचिकाकर्ता का आरोप था कि साहिबगंज जिला प्रशासन ने टेंडर नोटिस में इस बात का जिक्र नहीं किया है कि किस घाट के बीच नौका का परिचालन किया जाना है. घाटों के स्पष्ट उल्लेख के अभाव में नौका संचालक इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। इस पर महाधिवक्ता ने वादा किया कि समदा घाट से मनिहारी घाट के बीच नौका का परिचालन किया जायेगा. गौरतलब है कि ईडी साहिबगंज में अवैध खनन घोटाले की जांच कर रही है, जिसमें पत्थरों के परिवहन के लिए अवैध रूप से नौका सेवा का इस्तेमाल किया गया था। मामले की सुनवाई जुलाई में तय की गयी है।

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बता दें कि साहेबगंज अवैध खनन मामले में ईडी के गवाह अंकुश राजहंस यादव ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किया।जिसमें कहा है कि साहेबगंज जिला प्रशासन खनन माफिया के सिंडिकेट को लाभ देने के लिए जबरन नियमों को बदल रही है। उससे किसी खास व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की तैयारी है। जिसके बाद राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने बहस किया और सरकार की बहस सुनने के बाद अदालत ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई। वहीं प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव, पार्थ जालान और शिवानी जालूका ने बहस किया।

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