चंपाई सोरेन ने दूसरे दिन भी की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश; जमीन के मामले में अंचल अधिकारियों पर गाज गिराने की तैयारी

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन समेत तीन पर आरोप गठित, 1993 विस्फोट मामले में ट्रायल शुरू

रांचीः  मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन फुल एक्शन में है । समीक्षा बैठकों का दौर चल रहा है और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं । समीक्षा बैठक के दूसरे दिन विभागों के प्रधान सचिव/ सचिव और प्रमंडलीय आयुक्तों की उपस्थिति में जिलों के उपायुक्तों के साथ विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए ।

चंपाई सोरेन ने अबुआ आवास के लिए खास तौर से अधिकारियों को निर्देश देते हुए इसे सफल बनाने की बात कही । अबुआ आवास योजना के तहत पहले चरण में स्वीकृत किए गए 2 लाख आवास और इसकी पहली क़िस्त की राशि जारी होने के उपरांत आवास निर्माण के प्रगति की जानकारी ली और इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि इस योजना के लाभुक गरीब और जरूरतमंद होते हैं । ऐसे में न्यूनतम दर पर उन्हें आवास निर्माण के लिए बालू जैसी निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने की पहल करें। इसके अलावा अबुआ आवास के लिए  महत्वपूर्ण बिन्दु थे

● लाभुकों के चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाय।

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● जिन्हें अबुआ आवास आवंटित हो चुका है और उनका पहला चरण का कार्य संतोषजनक है तो उन्हें दूसरी  किश्त  जारी करें।

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● अनियमिता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए

सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की समीक्षा में मुख्यमंत्री  ने निर्देश दिया । चंपाई सोरेन ने कहा कि शिक्षा सामाजिक उन्नति का आधार है। राज्य के सभी वर्गों के बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बच्चों में शिक्षा का अलख जगाना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। आने वाले समय में सभी प्रखंड में सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। सीएम ने कहा कि सभी सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस में रेगुलर टीचर की नियुक्ति करें। राज्य में संचालित सभी सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित  की जाए और   सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस विद्यालयों में 100% रिजल्ट हो इसकी कोशिश की जाए ।

 

जमीन के म्यूटेशन  पर सीएम सख्त

म्यूटेशन और सुओ मोटो म्युटेशन मामलों से संबंधित मामलो में चंपाई सोरेन ने सख्ती से  कहा कि  अंचल अधिकारियों की  शिकायतेें मिल रही हैें और कहा कि अंचल ऑफिस में म्यूटेशन के कई मामले बिना किसी ऑब्जेक्शन के काफी समय तक लंबित रहता है। म्यूटेशन केसेज का ना तो निष्पादन होता है और ना ही रिजेक्ट किया जाता है इसकी जांच की जाए ।  हजारीबाग, रांची , गिरिडीह और पलामू के कई अंचलों में म्यूटेशन के मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया काफी खराब है। ऐसे में इन जिलों के खराब परफॉर्म करने वाले अंचलों को चिन्हित कर वहां के अंचल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव भेजने का भी सीएम ने आदेश दिया ।

इतना ही नहीं चंपाई सोरेन ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि  अपने जिले के अंतर्गत आने वाले उन अंचलों को चिन्हित करें, जहां बिना किसी वजह के म्यूटेशन के मामले 90 दिनों से ज्यादा समय से लंबित हैं, उन्हें शो कॉज जारी करें और कार्रवाई का प्रस्ताव भेजे।

डीएमएफटी फंड की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने पाकुड़, गढ़वा, चतरा, रामगढ़ जिला सहित वैसे सभी जिले जहां डीएमएफटी की राशि का खर्च कम हुई है उन जिलों के उपायुक्त डीएमएफटी फंड की राशि का खर्च बढ़ाने का निर्देश दिया ।  जो स्कीम जिलों में डीएमएफटी फंड से लिए गए हैं उनके कार्यों में तेजी लाने का भी बात कही ।

 

  • इसके अलावा सीएम ने अपनी समीक्षा बैठक में कई और महत्वपूर्ण  निर्देश दिए । जिनमें मुख्य हैंः-
  • मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की धीमी कार्य प्रगति पर मुख्यमंत्री ने असंतोष जताया
  •  मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।
  • विभाग साइकिल वितरण योजना में तेजी लाए। साइकिल वितरण के निर्धारित लक्ष्य को ससमय पूरा करना सुनिश्चित करें।
  • मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के विस्तार हेतु कार्य प्रगति में तेजी लाएं।
  • मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिलना चाहिए।
  •  108 एंबुलेंस सेवा को लेकर कई शिकायतें लगातार सामने आ रही है ।
  • मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना में तेजी लाने का निर्देश।
  • सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना  के  तहत बच्चियों के बैंक खाते में राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। बच्चियों के अभिभावक को भी इसकी जानकारी हो इसे सुनिश्चित करें।
  • सिदो कान्हू क्लब की स्थापना लक्ष्य के अनुरूप हो इस निमित्त रजिस्ट्रेशन कार्य में तेजी लाएं।
  • मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत झारखंड के धार्मिक स्थलों को भी जोड़ें।

 

मुख्यमंत्री ने  स्वच्छ भारत मिशन के साथ अबुआ आवास योजना से शौचालय निर्माण योजना को जोड़ने का भी निर्देश दजिया ।   वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की भी समीक्षा बैठक की गई जिसमें  वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा हर वर्ष लाखों की संख्या में वृक्षारोपण किया जाता है, लेकिन लक्ष्य के मुताबिक वनों में विस्तार में बढ़ोतरी नही हो पा रही है।

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