रांचीः झारखंड में राज्यसभा की दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने का दावा भले ही गठबंधन के नेता कर रहे है लेकिन परिमल नाथवानी के तीसरे उम्मीदवार के रूप में मैदान में आने के बाद कांग्रेस पार्टी की राह मुश्किल हो गयी है। गठबंधन के एकजुटता की अग्निपरीक्षा 18 जून को माना जा रहा है जब राज्यसभा चुनाव के लिए विधायक मतदान करेंगे। 56 विधायकों की संख्या के साथ गठबंधन के पास जीत का आंकड़ा है लेकिन बीजेपी समर्थित परिमल नाथवानी की ओर से सेंधमारी को लेकर कांग्रेस आशंकित है।
आज आवास में झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आदरणीय श्री के राजू जी, सांसद डॉ सैयद नसीर हुसैन जी, झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय श्री केशव महतो कमलेश जी, विधायक श्री प्रदीप यादव जी एवं पर्यवेक्षक श्री अजय शर्मा जी से भेंट हुई तथा आगामी राज्यसभा चुनाव सहित विभिन्न विषयों… pic.twitter.com/lEH2KheTfV
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 15, 2026
कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और पार्टी के नेता विधायकों और उनकी पार्टी के सर्वोच्च नेताओं से लगातार संपर्क में बने हुए है। सोमवार को झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू, राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और पर्यवेक्षक अजय शर्मा ने मुख्यमंत्री और जेएमएम सुप्रीमो हेमंत सोरेन से उनके कांके रोड़ स्थित आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात में राज्यसभा चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा की गई। जेएमएम की ओर से राज्यसभा में उम्मीदवार बैद्यनाथ को निर्वाचित होने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की जरूरत है, ऐसे में जेएमएम के पास 6 अतिरिक्त वोट है जो कांग्रेस उम्मीदवार को मिलना है। जेएमएम की ओर से वोट की गारंटी के साथ ही साथ गठबंधन के अन्य दलों के विधायकों के पूर्ण समर्थन को लेकर चर्चा हुई।
एनडीए-महागठबंधन का एक दूसरे के विधायकों पर नजर
कांग्रेस जेएमएम के साथ-साथ आरजेडी को भी साधने की कोशिश कर रही है। एक तरफ कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने रांची में हेमंत सोरेन से मुलाकात की दूसरी ओर प्रणव झा पटना में तेजस्वी यादव से मुलाकात कर आरजेडी के चारों विधायकों का वोट सुनिश्चित करना चाहते है जो पहली वरीयता का वोट कांग्रेस के खाते में दे सके। शनिवार को दीपांकर भट्टाचार्य ने भी बयान देकर कह दिया कि लेफ्ट के दोनों विधायकों का वोट गठबंधन में ही जाएगा। कांग्रेस चूक का कोई मौका देना नहीं चाहती है इसलिए डुमरी से जेएलकेएम विधायक जयराम महतो से भी संपर्क किया गया है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, उन्हें जयराम महतो ने अपना वोट गठबंधन में देने को लेकर आश्वस्त कर दिया है। कांग्रेस चाहती है कि जयराम उन्हें पहली वरीयता का वोट दे ताकि अगर कोई सेंधमारी हुई तो उसकी भरपाई की जा सके। कांग्रेस पार्टी 28 विधायकों के वोटों के अतिरिक्त वोट को अपने साथ जोड़ने में लगी है। वहीं दूसरी ओर एनडीए विधायक दल की बैठक सोमवार शाम को रांची में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में होगी, जिसमें एनडीए की ओर से राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत को लेकर रणनीति बनेगी। एनडीए के पास 4 विधायकों की कमी है, जयराम महतो के महागठबंधन की ओर जाने पर नाथवानी की राह और मुश्किल हो सकती है। इसके साथ साथ एनडीए के विधायकों के वोट को भी एकजुट रखना नाथवनी और बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है। झारखंड का राज्यसभा चुनाव अब रोमांचक मोड़ पर है, इस चुनाव का जो भी परिणाम होगा उसका राज्य की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है इसकी संभावनाएं जताई जा रही है।
झारखंड विधानसभा की वर्तमान दलगत स्थिति
सत्तारूढ़ गठबंधन
- झामुमो : 34
- कांग्रेस : 16
- राजद : 04
- भाकपा माले : 02
- कुल : 56
एनडीए
- भाजपा : 21
- जदयू : 01
- आजसू : 01
- लोजपा-आर : 01
- कुल : 24







