Jayant Sinha को नोटिस भेज कैसे फंस गई Jharkhand BJP ? जवाब पढ़ बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू को होगा गलती का एहसास ?

Jayant Sinha

रांचींः  BJP के नेता Jayant Sinha ने झारखंड BJP द्वारा जारी उनको कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है जयंत सिन्हा ने आदित्य साहू के नाम लिखी चिट्ठी में कहा है कि उनके ऊपर पार्टी के ख़िलाफ़ काम करने के जो आरोप लगाए गए हैं वे बेबुनियाद हैं उन्होंने लंबी चिट्ठी में विस्तार से अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दिया है।

Jaynt Sinha ने सिलसिलेवार ढंग से सभी आरोपों का जवाब देते हुए झारखंड बीजेपी के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू को ही सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है ।

पूरी चिठ्ठी इस तरह है

22 मई 2024

श्री आदित्य साहू जी,
प्रदेश महामंत्री भाजपा झारखंड सह राज्यसभा सांसद

मुझे आपका पत्र प्राप्त करके अच्छा हुआ तथा यह जानकर अत्यधिक हैरानी भी हुई कि आपने इसे मीडिया में भी जारी कर दिया है।

सक्रिय चुनावी गतिविधि से अलग हो चुका हूं

सर्वप्रथम मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे पी नड्डा जी के साथ हुए वार्तालाप को आपके ध्यान में लाना चाहता हूँ। 2 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से काफी समय पहले ही मैंने सक्रिय चुनावी गतिविधियों में भाग न लेने का निर्णय लिया था ताकि मैं वैश्विक जलवायु परिवर्तन से उपजे हुए मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर सकूँ। इस निर्णय की सार्वजनिक घोषणा मैंने एक ट्वीट के माध्यम से स्पष्ट और पारदर्शिता के लिए की थी:

Jayant Sinha ने पुराने X पोस्ट के ज़रिए दिया सबूत

“मैंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री जे पी नड्डा जी से मुझे सक्रिय चुनावी गतिविधियों से मुक्त करने का आग्रह किया है ताकि मैं भारत और विश्व भर में वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने और उसका समाधान करने हेतु अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर सकूँ। इसके साथ ही मैं आर्थिक और शासन संबंधित विषयों पर पार्टी के साथ काम करना सहर्ष जारी रखूंगा। मुझे विगत 10 वर्षों में भारत और हजारीबाग के लोगों की सेवा करने का गौरव प्राप्त हुआ है। इसके अलावा मुझे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी और पार्टी नेतृत्व द्वारा प्रदान किए गए कई दायित्वों का निर्वहन करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इसके लिए मैं श्री नड्डा जी और नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।”

जेपी नड्डा को जयंत सिन्हा ने दी थी जानकारी

उपरोक्त ट्वीट से स्पष्ट है कि 2 मार्च 2024 को ही लोकसभा चुनाव में सहमति न करने की सार्वजनिक घोषणा कर दी थी। नड्डा जी से सायंकाल बैठक और उनकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद मैंने यह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर दिया था कि मैं चुनाव में सम्मिलित नहीं हो रहा हूँ। मैं पार्टी के आर्थिक और शासन से संबंधित नीतियों पर पार्टी के साथ काम करना जारी रखूंगा।

कार्यकर्ता नहीं चाहते थे मैं दूर हूं

मेरे ट्वीट द्वारा की गई घोषणा के बाद हजारीबाग लोकसभा के हज़ारों मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया बहुत हृदयस्पर्शी थी। कई लोग दिल्ली में मुझसे मिलने आए और आग्रह किया कि मैं अपने निर्णय पर विचार कर उसे वापस लूँ, और लोकसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी जारी रखूं। यह एक कठिन समय था, जिसमें जनमान सहित अपने ऊपर पर भी यथासंभव राजनीतिक मर्यादा और संयम बनाए रखा।

मैंने मनीष जायसवाल को लिखी थी चिट्ठी

पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए श्री मनोज जयसवाल जी को अपना उम्मीदवार घोषित किया। मैंने 8 मार्च 2024 को उन्हें पत्र भेजा जो मेरे पास समर्थक द्वारा दिया गया था। यह पत्रकंपन सोशन मीडिया पर अच्छी रूप से रिकॉर्ड हुआ और श्री नड्डा जी को प्रेषित मेरे समयबद्ध पत्र का हिस्सा था।

झारखंड के किसी भी नेता ने मुझसे संपर्क नहीं किया

इस बीच अगर पार्टी चाहती की मैं किसी प्रकार की चुनावी गतिविधियों में भाग लूं, तो निश्चित रूप से आप मुझसे संपर्क कर सकते थे। हालांकि, 2 मार्च 2024 को मेरी घोषणा के बाद झारखंड की किसी भी वरिष्ठ पार्टी कार्यालय या सांसद/विधायक ने मुझसे संपर्क नहीं किया। मुझे किसी भी पार्टी कार्यक्रम, रैली या संगठनात्मक बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। यदि श्री बाबूलाल मरांडी या अन्य कार्यकर्ता मुझसे संपर्क करना चाहते थे तो वो निश्चित रूप से मुझे आमंत्रित कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

मनीष जायसवाल की नामांकन रैली में देर से सूचना दी

29 अप्रैल 2024 की शाम को मेरे दिल्ली में रहने के दौरान श्री मनोज जयसवाल जी द्वारा मुझे उनके नामांकन रैली में 1 मई 2024 को उपस्थित होने के लिए आमंत्रित किया गया था। स्पष्ट करने के उपरांत मैंने 1 मई 2024 को सुबह तक हजारीबाग पहुँचने संबंधित कोई योजना नहीं बनाई। इसलिए मैं 2 मई 2024 को हजारीबाग पहुँचकर श्री मनोज जयसवाल जी केआवास पर उन्हें शिष्टाचार भेंट करने के लिए पहुँचा। इस दौरान वह वहां उपस्थित नहीं थे। इसलिए मैंने अपना संदेश और शुभकामनाएं उनके परिवार को दीं। इसके उपरांत मनोज जी से आगे मेरी कोई संपर्क नहीं हुआ। तत्पश्चात 3 मई 2024 को हजारीबाग से दिल्ली लौट आया।

10 मई को विदेश चला गया, पोस्टल बैलेट से मतदान किया

माननीय लोकसभा अध्यक्ष जी को सूचित करने के बाद मैं कुछ महत्वपूर्ण निजी प्रतिबद्धताओं के कारण 10 मई 2024 को विदेश चला आया। पार्टी द्वारा मुझे किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित न किए जाने के कारण मुझे वहां कोई भी आवश्यकता दिखाई नहीं पड़ी। जाने से पहले मैंने पोस्टल बैलट प्रक्रिया के माध्यम से अपना वोट दिया था। इसलिए यह आरोप लगाना गलत है कि मैंने अपने मतदान के कर्तव्य का पालन नहीं किया।

25  वर्षों तक पार्टी की सेवा की

भारतीय जनता पार्टी के साथ अपने 25 वर्षों की सेवा के दौरान मैं दो बार सांसद, केंद्रीय राज्य मंत्री और लोकसभा की वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति का अध्यक्ष रहा हूँ। हजारीबाग में मेरे विकास और संगठनात्मक कार्यों को व्यापक रूप से सराहा गया है, जिसका सबसे बड़ा साक्ष्य वर्ष 2014 और 2019 के चुनावों में मेरी रिकॉर्ड मतों से जीत हुई थी।

पूरी ईमानदारी से जिम्मेदारी निभाई

पिछले कई दशकों से मैंने पार्टी की कई महत्वपूर्ण और सार्थक राष्ट्रीय नीतियों पहलनों में सहभागिता की है। इन पदों पर रहते हुए मेरे कार्यों को सभी विधायकों द्वारा व्यापक रूप से सराहा गया है। मुझे वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति के उत्कृष्ट कार्य के लिए संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित करने के साथ ही माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा भी सम्मानित किया गया है। मुझे कई महत्वपूर्ण संसदीय और मीडिया बहसों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी जी को सरकार का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। मैंने पार्टी की ओर से अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी के साथ निभाया है।

मुझे बनाया जा रहा है निशाना

इन परिस्थितियों और उपरोक्त परिस्थितियों के मद्देनजर आपके द्वारा इस पत्र को सार्वजनिक रूप से जारी करना मेरी समझ से परे है। आपने यह कदम समस्त पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश देने के अलावा एक योग्य सांसद एवं मंत्री की कमियां निकालने वाला है। इसके अतिरिक्त, पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा और कठिन परिश्रम के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि मुझे अन्यायपूर्ण तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।

हम निश्चित ही किसी भी समय व्यक्तिगत रूप से या फोन पर बात कर सकते थे ताकि आपके किसी भी संदेश को दूर किया जा सके। हजारीबाग लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के प्रत्याशी होने के नाते आप कभी भी मुझसे संपर्क कर सकते थे। चुनाव समाप्त होने के बाद आपके द्वारा इस तरह का पत्र भेजना मेरी लिए समझ से परे है।

सधन्यवाद,
जयंत सिन्हा

Jayant Sinha

जयंत सिन्हा को हजारीबाग में चुनाव खत्म होते ही बीस मई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था । इस नोटिस में उन पर प्रत्याशी के लिए काम नहीं करने का आरोप लगाया गया था । लोकसभा क्षेत्र से मनीष जायसवाल को जब से उम्मीदवार बनाया  गया तक से आप न तो चुनाव प्रचार और न ही संगठनात्मक कार्य में रूचि ले रहे है। लोकतंत्र के पर्व में आपने मताधिकार का प्रयोग करना भी उचित नहीं समझा। आपके द्वारा बरती गई इस रवैये से पार्टी की छवि धूमिल हुई है।प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के निर्देश पर उन्हे नोटिस जारी किया गया है, अगले दो दिनों में उनसे इस बारे में जवाब मांगा गया  था।


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