पटना : आरजेडी से राज्यसभा सांसद रहे अहमद अशफाक करीम ने मुस्लिमों की उपेक्षा का आरोप लगाकर आरजेडी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पार्टी अध्यक्ष लालू यादव के नाम लिखी गई चिट्ठी में उन्होने कहा कि मुसलमानों को आरजेडी ने भागीदारी के अनुसार हिस्सेदारी नहीं दी इसलिए अब उनका पार्टी में रहना संभव नहीं है।
आरजेडी छोड़ने के बाद अहमद अशफाक करीम का अगल कदम क्या होगा, इसपर सबकी नजर है। क्या वो लोकसभा चुनाव लड़ेंगे या फिर कोई और विकल्प उनके पास है। माना जा रहा है कि कटिहार या अररिया से वो अपने लिए लोकसभा का टिकट चाहते थे। कटिहार सीट कांग्रेस को दिये जाने के बाद तारिक अनवर वहां से उम्मीदवार हो गए जबकि अररिया सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री तसलीमुद्दी के बेटे शाहनवाज को चुनाव मैदान में आरजेडी ने उतारा है, ऐसे में अशफाक करीम का पार्टी के साथ बने रहना असहज हो रहा था।
अशफाक करीम ने मुस्लिम उम्मीदवारों की भागीदारी नहीं होने का आरोप लगाकर पार्टी छोड़ा है जिस दावे में दम नजर आता है क्योकि आरजेडी ने मधुबनी और अररिया सिर्फ दो सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार को खड़ा किया है। मुसलमानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आरजेडी छोड़ने वाले अशफाक करीम एनडीए में शामिल होने जा रहे है। वो शनिवार शाम को जेडीयू की सदस्यता लेंगे, हालांकि ये स्पष्ट है कि वो लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे क्योकि जेडीयू ने अपने सभी 16 उम्मीदवारों की घोषणा पूर्व में ही कर दी है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा पार्टी छोड़े जाने की मुख्य वजह पार्टी के कोर वोटर की उपेक्षा है। सीवान में पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का परिवार आरजेडी से नाराज चल रहा है, हीना शाहाब सीवान से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में है, दूसरी और पूर्व सांसद पप्पू यादव पूर्णिया से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे है जिन्हे पूर्व सांसद और आरजेडी के उपाध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद यादव ने अपना खुला समर्थन दे दिया है। ऐसे में अशफाक करीम के पार्टी छोड़ने से आरजेडी के कोर वोटर मुस्लिम और यादव की उपेक्षा को लेकर कही जा रही बात अब सामने आ गई है। लोकसभा चुनाव के दौरान इन कोर वोटर की नाराजगी को खामियाजा इंडिया गठबंधन खासतौर पर आरजेडी को कितना होता है ये देखना दिलचस्प होगा।
सीमांचल में RJD को झटका देने वाले पूर्व सांसद अशफाक करीम अपने अगले कदम से सबको चौकाएंगे

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