रांचीः डोरंडा थाना क्षेत्र के डिबडीह गिरिजाटोली में रहनेवाली 11 साल की लापता बच्ची नेहा कुमारी टोप्पो का 6 दिनों बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। छह दिन पहले नेहा अपने डिबडीह के गिरजा टोली घर से सुबह 11 बजे निकली थी। उसने लाल रंग का फ्रॉक पहन रखा है। पुलिस ने पोस्टर जारी कर बच्ची की सूचना देने वाले को 21 हजार रु इनाम देने की घोषणा की है। इसके लिए फोन नंबर 9431706168 और 6200587911 जारी किया गया है।
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परिजनों के मुताबिक वह रोजाना की तरह घर से बाहर गई थी लेकिन शाम तक नहीं लौटी। तलाश करने पर जब बच्ची का कहीं पता नहीं चला तो परिजनों ने थाना को सूचना दी। बच्ची के परिजन सदमे में हैं। अब डोरंडा पुलिस बच्ची की तलाश में जुटी हुई है। इसमें सोशल मीडिया के साथ साथ टेक्नोलॉजी का भी सहारा लिया जा रहा है।
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नेहा मूल रूप से गोड्डा जिले के हनवारा थाना अंतर्गत जेठरीडीह की रहनेवाली है। उसके पिता सीताराम टोप्पो हरियाणा के रोहतासगढ़ में मजदूरी करते हैं, जबकि मां और परिवार के अन्य लोग पैतृक गांव में रहते हैं। मामले में नेहा के परिजन ने चार फरवरी की शाम में ही डोरंडा थाना में सनहा दर्ज कराया था।नेहा की मौसी अटल क्लिनिक में काम करती है, जबकि मौसा झारखंड पुलिस में सिपाही हैं। शनिवार को मौसा-मौसी स्मार्ट सिटी स्थित कमांड सेंटर पहुंचे। वहां घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज देखा। कमांड कंट्रोल से ही राजधानी में लगे सीसीटीवी के फुटेज की मॉनिटरिंग होती है।हालांकि यहां से भी दोनों निराश लौटे।
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इस घटना ने धुर्वा के मौसीबाड़ी खटाल के पास से 2 जनवरी को लापता भाई-बहन अंश और अंशिका वाली घटना की याद ताजा कर दी है। दोनों बच्चों को 13 जनवरी को रामगढ़ के चितरपुर से सकुशल बरामद किया गया था। इस मामले में एक महिला और पुरुष की गिरफ्तारी हुई थी। आलम यह था कि दोनों बच्चों की सूचना देने पर पुलिस ने चार लाख रु के इनाम की घोषणा की थी।








