झारखंड ऊर्जा विभाग के खातों से 100 करोड़ से अधिक की फर्जी निकासी में शामिल आरोपी लोकेश्वर साह की प्रोसिड ऑफ क्राइम से अर्जित पांच एकड़ जमीन झारखंड पुलिस जब्त करेगी। राज्य में पहली बार ईडी की तर्ज पर किसी केस में प्रोसिड ऑफ क्राइम से अर्जित चल और अचल संपत्ति की जब्ती की प्रक्रिया एटीएस ने शुरू की है।
एटीएस ने भारतीन नागरिक न्याय संहिता की धारा 107 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा सीआईडी मुख्यालय को भेजी है। सीआईडी मुख्यालय इस संबंध में अब कोर्ट में आवेदन देगा। जानकारी के मुताबिक, फर्जी निकासी में जनवरी माह में गिरफ्तार हो चुके लोकेश्वर साह की संपत्ति की जांच एटीएस ने की तो पाया कि आरोपी ने खूंटी जिले के कर्रा में पांच एकड़ जमीन खरीदी है। इस जमीन के लिए भुगतान प्रोसिड ऑफ क्राइम से अर्जित राशि से की गई।
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झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाइज मास्टर ट्रस्ट रांची के वरीय प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) के आवेदन पर चार अक्तूबर 2024 को करोड़ों रुपये की निकासी का मामला में दर्ज किया गया था। इसके बाद गबन से संबंधित कुल चार कांडों का अनुसंधान एटीएस की एसआईटी के द्वारा किया जा रहा था। जांच के क्रम में पूर्व में गिरफ्तार सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बिरसा चौक के ब्रांच मैनेजर लोलस लकड़ा की निशानदेही पर 20 जनवरी को रामलखन यादव के पास से 60 लाख रुपये नकद की बरामदगी की गई थी।
इसी केस में पूर्व में गिरफ्तार लोकेश्वर शाह की निशानदेही पर 76,38,000 रुपये को विभिन्न बैंकों में फ्रिज किया जा चुका है। जांच के क्रम में अब तक 07 व्यक्तियों की गिरफ्तारी तथा 01,83,20,300 रुपये नकद की बरामदगी एवं 16,70,000 रुपये के गहने बरामद किए जा चुके हैं।
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