कोडरमाः खरियोडीह पंचायत के गड़ियाई बिरहोर टोला से चार परिवार के 10 बच्चे एक फरवरी से लापता हैं। सभी बच्चे परसाबाद में आयोजित श्राद्ध कार्यक्रम में भोज खाने गए थे, उसके बाद से घर नहीं लौटे। इनमें दानुक बिरहोर के चार बच्चे बिरसू 8 साल का, मिथुन 6 साल का, शिवानी 7 साल की और कल्पना 6 साल की है। राजेश बिरहोर के दो बच्चे 7 साल की निशा और 5 साल का रमेश, केला बिरहोर की बेटी 8 सान की सजनी, सुरेश बिरहोर की 8 साल की बेटी रेखा और बुधन बिरहोर की 6 साल की बेटी अनीशा सहित अन्य बच्चे शामिल है। 2 फरवरी को पुलिस को सूचना दी गई थी। इधर, मरकच्चो के बरियाडीह बिरहोर कॉलोनी से 4 माह पहले लापता 3 साल की बच्ची सुमन का भी अब तक कोई सुराग नहीं पता चल पाया है।
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इधर, बच्चों के लापता होने की सूचना पर जयनगर पुलिस ने किसी भी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखाई और उल्टा मुखिया को ही बच्चे की खोज-बिन में लगा दिया। मुखिया राजेन्द्र यादव ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर अपने स्तर से हर संभव बच्चों को ढूंढने का प्रयास किया। लेकिन जब बच्चों का कहीं कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने इसकी सूचना जयनगर के बीडीओ गौतम कुमार को दी। जिसके बाद मामला जिले के वरीय पदाधिकारियों के संज्ञान में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशिक्षु डीएसपी दिवाकर कुमार, तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार, चंदवारा थाना प्रभारी शशिभूषण कुमार के साथ गांव पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मिलकर घटना की पूरी जानकारी ली। जिसके बाद पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में बच्चों की खोजबीन भी शुरू कर दी गई है।
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प्रशिक्षु डीएसपी दिवाकर कुमार ने बताया कि गड़ीयाई बिरहोर टोला के कुछ बच्चों के लापता होने की उन्हें सूचना मिली है।परिजनों से पूछताछ करने पर पता चला है कि वे श्राद्ध का भोज खाने 1 फरवरी को परसाबाद आए हुए थे। जो घर वापस जाने के क्रम में लापता हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की तलाश की जा रही है।उन्होंने कहा कि गड़ीयाई बिरहोर टोला के लोग परसाबाद से ट्रेन पकड़कर यदुडीह हॉल्ट उतरकर अपने घर आना-जाना करते हैं। ऐसे में उन्हें संदेह है कि बच्चों द्वारा उल्टे रूट की ट्रेन पकड़ ली गई होगी और बच्चे धनबाद की ओर चले गए होंगे। परसाबाद के दोनों ओर स्थित स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज मंगवाए जा रहे हैं और जल्द ही बच्चों को ढूंढ़ लिया जाएगा।




