राजनीतिक हलचलः जेएमएम को मिली मजबूती, कांग्रेस के तीन विधायकों की सदस्यता दांव पर लगी, चौथे विधायक पर भी मंडरा रहा संकट

बीजेपी विधायक भी रणनीति बनाने में जुटे
रांची। झारखंड में सीएम हेमंत सोरेन के ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अपना मंतव्य राजभवन को भेजे जाने के बाद सियासी ऊहापोह की स्थिति कायम है। इस दौरान कई ऐसी राजनीतिक घटनाएं भी हुई, जिसका असर झारखंड की राजनीति पर लंबे समय तक दिखेगा। इस पूरे प्रकरण में जहां सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) को मजबूती मिली हैं, वहीं कांग्रेस नेतृत्व की कमजोरी से पार्टी के तीन विधायकों इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप की सदस्यता दांव पर लग चुकी है, जबकि चौथे विधायक प्रदीप यादव की सदस्यता पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी बीजेपी के नेता अभी वेट एंड वॉच की मुद्रा में है और ताजा राजनीतिक हालात पर रणनीति बनाने में जुटे हैं।

कांग्रेस ने अपने चार विधायकों की बागडोर जेएमएम को सौंपा
झारखंड में उत्पन्न राजनीतिक हलचल के बीच गठबंधन सरकार को मजबूती प्रदान करने के चक्का में कांग्रेस ने अपने चार विधायकों की बागडोर जेएमएम को सौंप दी है। पश्चिम बंगाल में कैश के साथ गिरफ्तार कांग्रेस के तीन विधायकों के खिलाफ अनुशासन का मामला जरूर बन रहा था, लेकिन आनन-फानन में कांग्रेस ने इन तीनों की विधायकों की सदस्यता समाप्त करने को लेकर स्पीकर के न्यायाधिकरण में याचिका दायर कर दी। अब यह तय माना जा रहा है कि जेएमएम कोटे से स्पीकर बने रबीन्द्रनाथ महतो वही कदम उठाएंगे, तो उन्हें सीएम हेमंत सोरेन की ओर से कहा जाएगा।

बाबूलाल मरांडी के बाद प्रदीप यादव के मसले पर भी फैसला लेने के लिए बढ़ेगा दबाव
विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने झारखंड विकास मोर्चा से बीजेपी में शामिल हुए बाबूलाल मरांडी के दलबदल मामले में सुनवाई पूरी कर ली है। जिसके बाद यह चर्चा है कि स्पीकर कभी भी बाबूलाल मरांडी की विधानसभा सदस्यता को रद्द करने की मांग को लेकर दायर चार अलग-अलग याचिका फैसला सुना सकते है। इसके बाद जेवीएम से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक प्रदीप यादव के खिलाफ दायर दलबदल मामले में भी जल्द फैसला लेने के लिए बीजेपी दबाव बनाएगी।

स्पीकर ने तीनों विधायकों को 7 को पक्ष रखने दिया निर्देश
स्पीकर ने कैशकांड में गिरफ्तार कांग्रेस के तीन विधायकों को 7 सितंबर को न्यायाधिकरण के समक्ष खुद या अपने अधिवक्ता के माध्यम से पक्ष रखने का निर्देश दिया है। इस संबंध में विशेष दूत के माध्यम से तीनों विधायकों को नोटिस भी सर्व करा दिया गया है। जिसमें यह कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर सुनवाई के लिए उन्हें विधानसभा की ओर से लैबटॉप भी उपलब्ध कराया जा सकता है। 1 सितंबर को पिछली सुनवाई के दौरान इन विधायकों की ओर से ई-मेल के माध्यम से यह कहा गया था कि अभी उनके पास न तो मोबाइल है और न ही लैबटॉप, इसलिए सुनवाई को तीन महीने टाल दिया जाए। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी मांग को अस्वीकार करते हुए 7 सितंबर को सुनवाई की तिथि निर्धारित की है। साथ ही यह भी कहा है कि वे यदि सुनवाई में उपस्थित नहीं होते हैं, तो एकतरफा सुनवाई पूरी करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जा सकती है।

तीनों कांग्रेस विधायक पूरे मामले को करार दे रहे है साजिश
पश्चिम बंगाल में भारी कैश के साथ गिरफ्तार तीनों कांग्रेस विधायक कांग्रेस का सच्चा सिपाही होने का दावा कर रहे है। वे अपने खिलाफ लगे सभी आरोप को बेबुनियाद बता रहे है और दावा कर रहे है कि उनसभी को फंसाया गया है। वे पूरी तरह से कांग्रेस पार्टी के निर्णय के साथ है और गठबंधन की मजबूती के लिए प्रयासरत है। तीनों विधायकों इस तरह के बयान से पार्टी के अंदर भी यह एक वर्ग में यह आम धारणा बन गयी है कि उनकी सदस्यता रद्द किये जाने की बजाय, मामले की छानबीन कर पार्टी को ही उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन अपनी शक्तियों को कांग्रेस नेतृत्व की भूल ने इन तीनों विधायकों के किस्मत की बागडोर जेएमएम के हाथों में सौंप दी।

बीजेपी विधायक भी रणनीति बनाने में जुटे
तेजी से बनते-बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच 5 सितंबर को मॉनसून सत्र की एकदिवसीय विस्तारित बैठक भी होने वाली है। बीजेपी नेतृत्व और पार्टी विधायक भी अपनी रणनीति बनाने में जुटे है। बीजेपी विधायकों की आज शाम होने वाली बैठक में यह तय होगी कि पार्टी विधायकों का एकदिवसीय सत्र में किस तरह का रूख होगा।

सीएम ने कहा-विपक्षी साजिश के जाल को कुतर देंगे,उसी जाल में समेट कर वापस भेजा जाएगा
रांची। झारखंड में राजनीतिक हलचल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जिस तरह से विपक्ष ने षड्यंत्र कर जाल बिछाया है उसे एक-एक कर कुतरा जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जो जाल बिछाया है ,उसी में समेट कर उन्हें यहां से वापस भेज दिया जाएगा।
सीएम हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्षी अपनी षड़यंत्रकारी नीतियों में खुद फंस जाएगा। विस्तारित मॉनसून सत्र की कल होने वाली बैठक के संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र के शुरू होने में कुछ घंटे बाकी है, सबकुछ जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा। उन्हांेने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है।

थैंक्स गिविंग प्रोग्राम में कहा-भविष्य में सेवा विस्तार की जरूरत नहीं पड़े,ऐसी नीतियां बना रहे
अनुबंधित सहायक पुलिसकर्मियों को सेवा विस्तार दिये जाने के बाद सीएम हेमंत सोरेन के लिए आयोजित थैंक्स गिविंग प्रोग्राम राज्यभर के विभिन्न जिलों से आये पुलिसकर्मियों ने उनका अभिनंदन किया। मौके पर हेमंत सोरेन में कहा कि उन्हें बहुत सारे लोग चारों ओर से घेरने में लगे है और सरकार को गिराने तथा कमजोर करने में लगे है, लेकिन इससे लोगांे घबराने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ऐसी नीतियां बना रही है, जिससे आने वाले समय में अवधि विस्तार की जरूरत के बिना सभी कर्मियों की सेवा यथावत बनी रही।

रायपुर से लौट रही फ्लाईट खराब मौसम में फंसी, 50 मिनट बाद लैंड की

इधर, यूपीए के विधायक रायपुर से वापस रांची लौट आये। लेकिन खराब मौसम की वजह से उनकी फ्लाइट 50 मिनट से आसमान में चक्कर काटती रही। बाद में क्लियरेंस मिलने पर फ्लाईट को एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया। रायपुर से रांची लौट रहे यूपीए विधायक को रिसीव करने को लेकर मंत्री सत्यानंद भोक्ता और मिथिलेश ठाकुर एयरपोर्ट पहुंचे थे। विधायकों को रिसीव करने तीन बस पहुंची, दो बसों में बैठ कर विधायक सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही पहुंचे थे। जबकि तीसरा बस कुछ नेताआंे और आप्त सचिव को लेकर सर्किट हाउस पहुंचा।

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