पाकुड़। ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सरकार की मंशा साफ है। सरकार चुनाव कराना चाहती है। फिलहाल राज्य में मैट्रिक-इंटर की परीक्षा चल रही है। मंत्री ने कहा कि चूंकि परीक्षा में विद्यार्थी ही नहीं बल्कि शिक्षक भी जुटे रहते हैं और शिक्षकों के सहयोग के बिना पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं है। मंत्री आलमगीर ने कहा कि पंचायत चुनाव के लिए स्कूलों में बूथ बनाया जाता है और शिक्षकों को मतदान कार्य में लगाया जाता है। वर्तमान समय में स्कूल और शिक्षक दोनों एंगेज है। ऐसे में चुनाव के लिए मैट्रिक-इंटर की परीक्षा समाप्त होने का इंतजार करना होगा। उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने में पंचायत चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी जाएगी और जून महीने के दूसरे सप्ताह तक चुनाव की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था गांव में कायम करने में कांग्रेस की भूमिका आजादी के बाद से रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की विपक्षी पार्टियां, जिनके पास कोई मुद्दा नहीं रह गया है पंचायत चुनाव नहीं कराए जाने के मामले में लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि हम शीघ्र पंचायत चुनाव कराना चाहते हैं कि पंचायतों को उनका अधिकार मिले और गांव के लोग विकास योजनाओं का लाभ उठा सके।