लंदन – टेनिस की दुनिया में रविवार को एक नया अध्याय जुड़ गया जब इटली के जानिक सिन्नर ने सेंटर कोर्ट पर कार्लोस अल्कारेज़ को हराकर विंबलडन पुरुष एकल खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि आत्मसंयम, मानसिक दृढ़ता और खेल भावना का प्रतीक बन गया। अल्कारेज को यानिक सिन्नर ने कहा फाइनल में 4-6, 6-4, 6-4, 6-4 से मात दी।
Sinner shined in the biggest moments 😮💨
Today’s Play of the Day, presented by @BarclaysUK #Wimbledon pic.twitter.com/KF8rG5fTNa
— Wimbledon (@Wimbledon) July 13, 2025
फ्रेंच ओपन में अल्कारेज से हार गए थे सिन्नर
पांच सप्ताह पहले पेरिस में फ्रेंच ओपन फाइनल में सिन्नर तीन चैंपियनशिप पॉइंट के बावजूद हार गए थे, लेकिन उसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अब उन्होंने इतिहास रच दिया। सिन्नर विंबलडन जीतने वाले पहले इटालियन पुरुष बन गए हैं। उनके कोहनी की चोट और मानसिक दबाव के बावजूद उन्होंने अपने खेल से हर किसी को प्रभावित किया।

सिन्नर ने कहा, “विंबलडन जीतना सबसे खास है। मैंने खुद से ईमानदारी से बात की, खुद से सवाल किए और स्वीकार किया कि जो हुआ वो हुआ। मैं जानता था कि आगे एक और ग्रैंड स्लैम आ रहा है और मैंने तैयारी जारी रखी।“
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पेरिस से लंदन तक: संघर्ष और संयम की कहानी
फ्रेंच ओपन के दिल तोड़ देने वाले फाइनल के अगले ही दिन सिन्नर के कोच डैरेन केहिल और सिमोने वेग्नोज़ी ने उस हार की कोई चर्चा नहीं की। कोच ने महसूस किया कि लंदन आने के साथ ही सिन्नर की एकाग्रता और आत्मविश्वास अलग ही स्तर पर था। केहिल ने कहा, “पिछले एक हफ्ते में हमने इतना अच्छा अभ्यास कभी नहीं देखा। उनका रवैया अद्भुत था।“

उन्होंने आगे कहा, “सिन्नर ने उस हार को पीछे छोड़ दिया। यह सिर्फ कहना आसान है, लेकिन वास्तव में कर दिखाना बहुत कठिन। सिन्नर ने मानसिक तौर पर खुद को पूरी तरह विंबलडन के लिए तैयार किया।




