बिहार में आने वाले समय में राजनीतिक ड्रामा देखने को मिल सकता है। अब महागठबंधन के टूटने के कयास लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के अधिकतर विधायक एवं कई नेताओं ने लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से नाता तोड़ने की मांग तेज कर दी है। नई दिल्ली में हुई बैठक में बिहार के कांग्रेस विधायकों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत आला नेताओं के सामने यह बात रखी।
कांग्रेस के अधिकतर विधायक आरजेडी के साथ रहने के मूड में नहीं हैं। राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित बैठक में पहली बार पार्टी के सभी 6 नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात की। खरगे ने उनसे पार्टी में टूट की अफवाहों पर सवाल किए, जिसे उन्होंने सिरे से नकार दिया। हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने आरजेडी और कांग्रेस के संबंधों को असहज और घातक बताया।
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सूत्रों की मानें तो ज्यादातर विधायक लालू-तेजस्वी के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं। बैठक में इक्का-दुक्का को छोड़ सभी विधायक और नेताओं ने गठबंधन से हटने की वकालत की। हालांकि, फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं हो सकता है। माना जा रहा है कि पार्टी के शीर्ष नेता विचार कर इस पर भविष्य में कोई फैसला ले सकते हैं।
बिहार में विधायक दल के पूर्व नेता शकील अहमद भी लंबे समय से आरजेडी से गठबंधन तोड़ने की मांग करते रहे हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में करारी हार मिलने के कुछ दिनों बाद राहुल-खरगे ने दिल्ली में समीक्षा बैठक की थी। उसमें कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों से बात की गई थी। उसमें भी आरजेडी से गठबंधन को बिहार में कांग्रेस की हार की एक वजह माना गया था।




