झारखंड में स्थानीय निकाय चुनाव से जुड़ी अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, मुख्य सचिव सशरीर हुई हाजिर

Picture of Live Dainik

Live Dainik

September 2, 2025

फेसबुक पर आया थैंक यू मेरी जान का संदेश तलाक का आधार नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने पत्नी की अपील मंजूर की

रांचीः झारखंड में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर दायर अवमानना वाद पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने, कोर्ट के आदेश के बावजूद समय पर चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव और नगर विकास सचिव अदालत में सशरीर उपस्थित हुए। कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के लिए 10 सितंबर का समय निर्धारित किया है। यह जानकारी झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने दी।

नेतरहाट स्कूल में अब लड़कियां भी करेगी पढ़ाई, मैट्रिक-इंटर के टॉपर को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया एलान
क्यों ना मुख्य सचिव पर शुरू की जाए अवमानना: HC
हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत के आदेश की लगातार अनदेखी की जा रही है। क्यों ना मुख्य सचिव पर अवमानना प्रारंभ की जाए। अगली सुनवाई से पहले कोर्ट ने निकाय चुनाव को लेकर एक टाइम लाइन तय करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिया है। 18 जुलाई 2025 को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि झारखंड में संवैधानिक तंत्र फेल हो गया है।

See also  ऑपरेशन 'लोटस' फेल! चंपाई सोरेन आज लौटेंगे रांची, लोबिन हेंब्रम अस्पताल में भर्ती

झारखंड में BJP कार्यसमिति के सदस्य को मिली धमकी, रमेश सिंह से PLFI ने मांगी रंगदारी
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पूर्व पार्षद रोशनी खलखो समेत अन्य की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई थी। जिसमें कहा गया था कि चार जनवरी 2024 को झारखंड हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह में निकाय चुनाव कराने का आदेश दिया था। इसको खंडपीठ में चुनौती दी गई थी, जो खारिज हो गई। लेकिन सरकार ट्रिपल टेस्ट का बहाना बनाकर चुनाव टालती जा रही है। तब अदालत ने कहा था कि ट्रिपल टेस्ट की आड़ में चुनाव को रोका नहीं जा सकता है।

झारखंड में पीपीपी मोड पर खुलेंगे 6 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हेमंत सरकार की मांग को स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दी मंजूरी
निकाय चुनाव नहीं कराए जाने के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर जनवरी 2025 में भी सुनवाई हुई थी। उस दौरान सरकार का जवाब सुनने के बाद अदालत ने चार माह में चुनाव कराए जाने का निर्देश दिया था। अदालत ने निर्वाचन आयोग को एक सप्ताह में संशोधित मतदाता सूची देने का निर्देश दिया था।

See also  हेमंत सोरेन कोर्ट में होंगे पेश, आज खत्म हो रही है ED रिमांड की अवधि

दारोगा मीरा सिंह मनी लाउंड्रिंग केस में आरोपी, ED ने अवैध बालू ढुलाई सहित कई संदिग्ध गतिविधियों को लेकर की चार्जशीट
बता दें कि जनवरी महीने में हुई सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव अलका तिवारी अदालत में उपस्थित हुई थीं।उन्होंने अदालत को बताया था कि पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर, झारखंड में ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार चार माह में चुनाव करा लेगी। इस बीच 21 अगस्त 2025 को शहरी निकायों में ओबीसी की भागीदारी को लेकर कराए जा रहे ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी हो गई।पिछड़ा वर्ग आयोग के द्वारा तैयार रिपोर्ट के अनुसार झारखंड के शहरी निकाय क्षेत्रों में ओबीसी वोटरों का बोलबाला है। जबकि दूसरे नंबर पर सामान्य वर्ग के मतदाता हैं। इसी तरह तीसरे नंबर पर एससी वोटर हैं और अंतिम पायदान पर एसटी वर्ग के मतदाता हैं।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now