बिहार चुनाव में राजद की करारी हार के बाद से राज्य के सबसे बड़े सियासी घराने में मची कलह ने सबको हैरान कर दिया है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट ने पारिवारिक कलह को सबके सामने ला दिया है। अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने खुद इसपर अपनी चुप्पी तोड़ी है। तेजस्वी यादव के सरकारी आवास एक पोलो रोड पर राजद के विधायकों और नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में लालू प्रसाद यादव भी मौजूद थे।
बैठक में लालू प्रसाद ने कहा कि घर का विवाद घर के लोग सुलझा लेंगे, आप लोग चिंता मत कीजिए। उनका इशारा रोहिणी आचार्य के बयानों से उपजे पारिवारिक विवाद की ओर था। लालू ने विधायकों और पार्टी नेताओं को कहा कि विचारधारा से कोई समझौता नहीं होगा। हमें गरीबों की आवाज उठाते रहनी है। लालू ने कहा कि सदन के भीतर मजबूती से विपक्ष का असर दिखाएं।
बता दें कि ‘इंडिया’ गठबंधन को बिहार में राजग ने करारी शिकस्त दी है। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में राजग ने 202 सीट जीतीं, जबकि राजद 143 सीट पर लड़कर केवल 25 सीट ही हासिल कर सकी। चुनावी हार के साथ-साथ पार्टी को संस्थापक लालू प्रसाद के परिवार में बढ़ती कलह से भी दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने रविवार को आरोप लगाया कि “गंदा किडनी” दान करने के एवज में उन्हें रुपये और टिकट का लालच दिए जाने की बात कहकर अपमानित किया गया।
सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्हें “अनाथ बना दिया गया”, और विवाहित महिलाओं को सलाह दी कि “अगर पिता का बेटा हो, तो पिता को बचाने की गलती न करें।”रोहिणी ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा था कि वह राजनीति और परिवार से नाता तोड़ रही हैं। उन्होंने राजद की चुनावी हार का जिम्मेदार अपने भाई तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले राजद सांसद संजय यादव और उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले रमीज, को जिम्मेदार ठहराया था।
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राजद की इस पारिवारिक खटास पर राजग नेताओं ने सोमवार को तेजस्वी यादव की कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि “जो अपने घर की महिलाओं का सम्मान नहीं रख सके, वे बिहार के भविष्य की बात कैसे कर सकते हैं?”
जनता दल (यूनाइटेड) की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा, “यह परिवार का मामला है और काश वे एकजुट रह पाते। लेकिन हाल में उस परिवार की बहू भी सामने आई थी। जो व्यक्ति बिहार चलाने का दावा करता है, अगर वह अपने परिवार की महिलाओं का सम्मान नहीं रख पाएगा, तो जनता खुद फैसला करेगी।”
कुशवाहा का इशारा तेज प्रताप यादव की अलग रह रही पत्नी ऐश्वर्या राय की ओर था, जिन्होंने यादव परिवार पर शारीरिक और मानसिक शोषण का आरोप लगाया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, “बेटी का यह अपमान दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर लालू यादव की बेटी को सड़क पर आकर यह सब कहना पड़ रहा है, तो यह चिंताजनक स्थिति है। जनता लालू यादव और रोहिणी आचार्य का यह अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि “तेजस्वी का नाम आज लोग जानते हैं तो वह लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की वजह से ही है।”इस बीच, रोहिणी आचार्य के पार्टी छोड़ने के बाद लालू प्रसाद की तीन अन्य बेटियों राजलक्ष्मी, रागिनी और चंदा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे पटना हवाई अड्डे से दिल्ली रवाना होती दिख रही हैं, लेकिन तीनों ने मीडिया से बातचीत नहीं की।




