डेस्कः UPI से पेमेंट करना अब फ्री नहीं होगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई पेमेंट के लिए नया स्लैब लागू किया है। नए स्लैब के मुताबिक, अब 2000 से ज्यादा के मर्चेंट यूपीआई लेनेदेन पर चार्ज देना होगा। ये चार्ज ग्राहक को नहीं, बल्कि मर्चेंट की ही देना होगा।हालांकि 1 लाख महीने से कम आय वाले मर्चेंट को कोई चार्ज नहीं देना होगा। लेकिन सवाल ये है कि आखिर NPCI को ये फैसला क्यों लेना पड़ा और मर्चेंट लेनदेन से वसूला जाने वाला पैसा किस काम में लिया जाएगा?
NPCI ने मंगलवार को FAQs का एक सेट जारी किया है। इसमें सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं। इसमें कहा गया कि UPI हर महीने अरबों ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है और सिस्टम को अभी के लेवल पर चलाने के लिए सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंडविड्थ, फ्रॉड रोकने, साइबर सिक्योरिटी और टेक्निकल सपोर्ट पर काफी खर्च करना पड़ता है।

NPCI ने मंगलवार को बताया है कि 15 अक्टूबर से UPI के जरिए 2 हजार रुपये के ट्रांजैक्शन पर व्यापारियों को 0.4 प्रतिशत की फीस देना होगी। वहीं सोमवार को ही सरकार ने साफ किया था कि 2000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन पर बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगा सकते।
Regarding Merchant Discount Rate (MDR) on Select UPI (P2M) Transactions
Please refer to the FAQs here: https://t.co/DTOZFVHAVB pic.twitter.com/4HMU0YZ2AC
— NPCI (@NPCI_NPCI) September 15, 2026
कैसा होगा नया फ्रेमवर्क?
15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन के लिए UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का नया फ़्रेमवर्क लागू होगा। साथ ही, ग्राहकों के लिए 2 हजार रुपये तक के सभी ट्रांजैक्शन के लिए UPI पूरी तरह से फ्री रहेगा।नए नियमों के तहत, QR कोड के ज़रिए हर महीने 1 लाख रुपये तक कमाने वाले छोटे मर्चेंट को कोई MDR नहीं देना होगा।
| अमाउंट | एप्लिकेबल MDR | मर्चेंट के द्वारा पे किया जाने वाला MDR |
| 2000 रुपये | - | 0 |
| 3000 रुपये | 0.40% | 12 रुपये |
| 50,000 रुपये | 0.40% | 200 रुपये |
| 75,000 रुपये या उससे ज्यादा | फिक्स्ड 300 रुपये | 300 रुपये |





