अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड कर रहा है आपको बीमार, वक्त रहते नहीं लगी पाबंदी तो बच्चे हो जाएंगें गंभीर बीमारियों के शिकार – रिपोर्ट

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November 19, 2025

डेस्कः दुनिया की जानी-मानी पत्रिका लासेंट ने विस्फोटक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि दुनिया भर में जिस तरह अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का इस्तेमाल बढ़ रहा है उससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा है । लैंसेट सीरीज़ ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स (UPFs) की तेजी से बढ़ती खपत सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। इससे मोटापा, हृदय रोग और कई दीर्घकालिक बीमारियों में इजाफा हो रहा है और स्वास्थ्य असमानताएँ भी गहराती जा रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस संकट से निपटने के लिए मजबूत और समन्वित वैश्विक कार्रवाई की जरूरत है।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स बढ़ी है

लैंसेट के अनुसार, UPFs—जिनमें स्वाद, रंग और टेक्सचर बढ़ाने वाले कई एडिटिव्स मिलाए जाते हैं—तेजी से पारंपरिक और संपूर्ण खाद्य पदार्थों की जगह ले रहे हैं। कई उच्च-आय वाले देशों में ये खाद्य पदार्थ अब घर की कुल खपत का लगभग 50% तक पहुंच चुके हैं, जबकि विकासशील देशों में भी इनका उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है।

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बड़ी कंपनियों का दबदबा

रिपोर्ट में कहा गया है कि समस्या केवल एक-एक उत्पाद की नहीं, बल्कि पूरे UPF-प्रधान आहार पैटर्न की है, जिसे बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ सस्ते कच्चे माल—जैसे मक्का, गेहूं, सोया और पाम ऑयल—के बड़े पैमाने पर प्रोसेसिंग के जरिए तैयार करती हैं। इस बाज़ार पर नेस्ले, पेप्सीको, यूनिलीवर और कोका-कोला जैसी कुछ कंपनियों का दबदबा है।

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अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूट से पर्यावरण को नुकसान

UPFs न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी हानिकारक बताए गए हैं, क्योंकि इनका उत्पादन व पैकेजिंग फॉसिल-फ्यूल आधारित और प्लास्टिक-निर्भर है। लैंसेट सीरीज़ ने सरकारों से फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल अनिवार्य करने, UPFs पर टैक्स लगाने, बच्चों को लक्षित विज्ञापनों पर प्रतिबंध, और सार्वजनिक संस्थानों में इन खाद्य पदार्थों की रोक जैसे कदम उठाने की सिफारिश की है। साथ ही कॉर्पोरेट हस्तक्षेप रोकने और स्व-नियमन की जगह सख्त सरकारी नियम लागू करने की जरूरत बताई है।

गरीब लोग करते हैं सबसे अधिक इस्तेमाल

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि UPF खपत सबसे अधिक आर्थिक रूप से कमजोर समूहों में होती है, इसलिए किसी भी समाधान में समानता (equity) को केंद्र में रखना जरूरी है। स्थानीय, सस्ते और न्यूनतम-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने और कम आय वाले परिवारों को Whole Foods पर सब्सिडी या नकद सहायता देने जैसे कदम आवश्यक हैं।

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रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि UPFs का बढ़ता प्रभुत्व एक ऐसे खाद्य तंत्र का संकेत है जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य से अधिक कॉर्पोरेट मुनाफे को तरजीह दी जाती है। इस चुनौती से निपटने के लिए मजबूत, समन्वित वैश्विक नीति की तात्कालिक जरूरत है।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड क्या होते हैं?

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) वे खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें कई औद्योगिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। इनमें प्राकृतिक सामग्रियों की जगह एडिटिव्स, प्रीज़रवेटिव्स, कृत्रिम रंग, फ्लेवर और केमिकल आधारित सामग्री का उपयोग होता है। इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने और सुविधा के लिए बनाया जाता है। मिसाल के तौर पर सॉफ्ट ड्रिंक्स, चिप्स, चॉकलेट, कैंडी, मीठे ब्रेकफास्ट सीरियल, रेडी-टू-हीट फूड, पैकेट सूप, फ्रोज़न नगेट्स, हॉटडॉग, फ्राइज आदि।

भारत में UPF का तेजी से बढ़ता बाजार

भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का बाजार खतरनाक गति से बढ़ा है।

  • 2006 में बिक्री 0.9 बिलियन डॉलर थी
  • 2019 में यह बढ़कर 38 बिलियन डॉलर हो गई
    यानी 40 गुना वृद्धि
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इसी अवधि में भारत में मोटापे का स्तर भी दोगुना हो गया।

मोटापा और डायबिटीज़ का बढ़ता संकट

ICMR-INDIAB (2023) और लैंसेट डेटा के अनुसार भारत में स्थिति चिंताजनक है:

  • 28.6% भारतीय मोटे
  • 11.4% को डायबिटीज़
  • 15.3% प्रीडायबिटीज़
  • 39.5% को पेट का मोटापा

बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ा

NFHS के अनुसार बच्चों में मोटापा
2016 में 2.1% → 2019-21 में 3.4%।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड किन बीमारियों का जोखिम बढ़ाते हैं?

शोधों के अनुसार UPF इन 12 प्रमुख बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं:

  • मोटापा
  • टाइप-2 डायबिटीज़
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हार्ट डिज़ीज़
  • किडनी रोग
  • अवसाद के लक्षण
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएँ
  • और समय से पहले मृत्यु

जानकारों के मुतााबिक हम जरुरत से अधिक कैलोरी ले रहे हैं जिससे ये बीमारियां बढ़ रही हैं । जानकारों के मुताबिक UPF प्राकृतिक फाइबर को भोजन से हटाकर आंतों के माइक्रोब्स का संतुलन बिगाड़ देते हैं। इससे इंफ्लेमेशन बढ़ती है, हार्मोनल कार्य रुकता है और GLP-1 हार्मोन का स्राव घटता है, जो भूख नियंत्रित करने और वजन घटाने में मदद करता है।

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