JSCA स्टेडियम में JPL का फाइनल देखने दोगुने दर्शक पहुंचे, बेकाबू भीड़ ने तोड़ा गेट, भगदड़ में 12 से अधिक घायल

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June 24, 2026

JSCA स्टेडियम में JPL का फाइनल देखने दोगुने दर्शक पहुंचे, बेकाबू भीड़ ने तोड़ा गेट, भगदड़ में 12 से अधिक घायल

रांचीः जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में चल रही झारखंड टी-20 लीग के अंतिम दिन फाइनल मैच में अव्यवस्था की पोल खुल गयी। इस आयोजन की जिम्मेवारी जेएससीए और एसजे अपलिफ्ट के पास थी। जेएससीए स्टेडियम में झारखंड टी-20 क्रिकेट लीग का फाइनल मैच शाम सात बजे शुरू हुआ था। मैच देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। लाइन में लगे दर्शकों की चेकिंग धीमी रहने से भीड़ पीछे से आती जा रही थी। अव्यवस्था देखकर दर्शक धीरे-धीरे आक्रोशित हो रहे थे। इसी बीच ठेला-ठेली और धक्का-मुक्की होने लगी। देखते-देखते भगदड़ मच गयी और लोग इधर-उधर भागने लगे। बैरिकेडिंग भी टूट गयी और भीड़ ने गेट को भी तोड़ दिया। लोग चप्पल-जूता छोड़कर भागे।जेएससीए और पुलिस-प्रशासन की कमजोर तैयारी के कारण नार्थ गेट पर अफरातफरी मच गई। पहले लोगों को नार्थ गेट से प्रवेश कराया जा रहा था। भीड़ अधिक हो जाने से लोगों को साउथ गेट से प्रवेश करने के लिए बोल दिया गया।

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इसी को लेकर भगदड़ हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि गेट पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। नाराज दर्शकों ने बाद में वेस्ट गेट को तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेडियम में प्रवेश के दौरान हजारों दर्शक एक साथ नार्थ गेट की ओर पहुंच गए।भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं थी। इसी दौरान धक्का-मुक्की शुरू हुई और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। भगदड़ में बच्चे, महिलाएं और युवा भी चोटिल हो गए। इस बीच स्टेडियम के बाहर लगे लोहे की बैरिकेडिंग टूट गई।इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन के तमाम आला पदाधिकारी घटना स्थल पहुंचे और पूरे मामले को जानने का प्रयास में लगे रहें।दजनों लोग हुए घायल आठ गंभीर रूप से हुए जख्मीघटना में कम से कम आठ क्रिकेट प्रेमियों के घायल होने की पुष्टि हुई है। इनमें से पांच घायलों को राज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि दो घायलों को सदर अस्पताल और एक को पारस अस्पताल पहुंचाया गया।दर्जनों घायलों को निजी अस्पतालों में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। राज अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं और उनका उपचार किया गया है। हालांकि एक लड़की के पेट में गंभीर चोट लगी है, जिसके कारण उसे निगरानी में रखा गया है।

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सिर्फ एक गेट खोला गया
घटना के बाद पुलिस और स्टेडियम प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फाइनल मुकाबले को लेकर बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना पहले से थी, बावजूद इसके भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था नहीं दिखी।कई दर्शकों ने आरोप लगाया कि गेट पर न तो पर्याप्त सुरक्षा कर्मी मौजूद थे और न ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था थी। स्टेडियम में प्रवेश के लिए चार गेट है, लेकिन एक ही गेट खोला गया, जिससे भगदड़ मच गई। इसमें भी जब भीड़ अधिक होने लगी तो गेट बंद कर दिया गया और लोग बेकाबू हो गए। जबकि अंदर स्टेडियम में काफी जगह थी।

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चारों ओर बिखरे पड़े हैं चप्पल-जूता
स्टेडियम के बाहर और अंदर लोगों के अफरा-तफरी के दौरान चप्पल-जूता बिखरा पड़ा है। हालांकि घंटों प्रयास के बाद स्थिति पर काबू पाया गया लेकिन इस बीच महिला, बच्चे व युवकों को काफी चोट लगी। दर्जनों लोग हल्के चोट लगने के बाद किसी तरह वापस अपने घर को चले गए लेकिन अधिक घायलों को अस्पताल ले जाया गया।

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दर्जनों एंबुलेंस भेजी गईं
रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही स्टेडियम परिसर में देर रात तक लगातार 108 एंबुलेंस भेजी जाती रही।रात 11.30 बजे तक सदर अस्पताल में दो, पारस अस्पताल में एक और राज अस्पताल में पांच घायलों को इलाज के लिए लाया गया। उन्होंने बताया कि सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है और प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बना हुआ है।आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को सदर अस्पताल में भी शिफ्ट किया जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि देर रात तक कुछ और घायल इलाज के लिए पहुंच सकते हैं।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फाइनल मैच को लेकर दोपहर से ही बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंचने लगे थे। मैच शुरू होने से पहले वेस्ट गेट पर दर्शकों की भीड़ अचानक बढ़ गई। उधर, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही हेल्थ डिपार्टमेंट को तुरंत सक्रिय कर दिया। सिविल सर्जन एवं संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।

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