लातेहारः जिले के सदर अस्पताल में आदिवासी परिवार को समय पर एंबुलेंस नहीं मिला। अस्पताल की कुव्यवस्था ने नाराज होकर परिवार के लोग शव को कंधे पर रखकर पैदल ही निकल गए। शव लेकर निकल जाने के बाद अस्पताल प्रबंधक द्वारा शव ले जाने के लिए मोक्ष वाहन दिया गया। परंतु आक्रोशित स्वजनों ने शव को कंधे पर लेकर थाना चौक के नगर पंचायत पहुंचे।
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यहां आक्रोशित लोगों ने नगर पंचायत पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि छुट्टी के दिन भी एक मजदूर से मजदूरी करवाया गया है, जो नियमों के विरुद्ध है।
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ग्रामीणों ने कहा कि दुर्घटना के 20 घंटा बीतने से बाद भी नगर पंचायत के पदाधिकारी और एनजीओ का कोई कर्मी पहुंचकर सांत्वना तक देने नहीं पहुंचा। लोगों ने दो घंटे तक सड़क को जाम कर दिया।जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुरेंद्र महतो पहुंचे और परिजनों से बात कर जाम हटाने की बात कही। लेकिन स्वजन अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमे रहे।
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आदिवासी नेता सुकू उरांव ने कहा आदिवासी के शव को ले जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। जब हमलोग अपने हक अधिकार के लिए सड़क जाम कर रहे हैं, तो पुलिस द्वारा दबाव बनाया जा रहा है।पुलिस द्वारा शव को उठाकर एंबुलेंस में जबरस्ती लादा गया और हम लोगों पर अभद्र व्यवहार किया गया। पुलिस की ऐसी करतूत बर्दाश्त योग्य नहीं है।




