हजारीबाग में दर्दनाक हादसा: शराब पीने नहीं बनाने में भी जाती है जान, जानिए झारखंड में महुआ के शराब ने कैसे ली तीन की जान

Picture of Live Dainik

Live Dainik

May 27, 2026

hazaribagh mahua

हजारीबाग: शराब पीने से मौत की खबरें तो आम हैं लेकिन शराब बनाने से भी जान जा सकती है । झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। कटकमदाग थाना क्षेत्र के कूद बस्ती में मंगलवार देर रात जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि परिवार का एक सदस्य गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि अवैध महुआ शराब निर्माण के दौरान बंद टैंक में बनी जहरीली गैस इस हादसे का कारण बनी।

महुआ शराब निर्माण के दौरान हुआ बड़ा हादसा

जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार लंबे समय से महुआ शराब निर्माण के कारोबार से जुड़ा हुआ था। हाल ही में शराब तैयार करने के लिए एक नया टैंक बनाया गया था, जिसमें महुआ को सड़ाने की प्रक्रिया चल रही थी। मंगलवार रात टैंक से सड़ा हुआ महुआ निकालने के दौरान यह हादसा हो गया।

See also  लातेहार में वज्रपात से चार युवकों की मौत, दो गंभीर रूप से घायल

जहरीली गैस की चपेट में आए परिवार के चार सदस्य

मृतकों की पहचान बड़की देवी (50), महेंद्र साव (45) और रवि कुमार (25) के रूप में हुई है। वहीं आनंद साव (55) गंभीर रूप से बीमार हैं और उनका इलाज हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है।

बताया जा रहा है कि सबसे पहले बड़की देवी टैंक के अंदर उतरीं, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आईं। उन्हें देखने के लिए उनके देवर महेंद्र साव नीचे गए, लेकिन वे भी वापस नहीं लौटे। इसके बाद रवि कुमार अपनी मां और चाचा को देखने टैंक में उतरे, लेकिन वह भी बेहोश हो गए। आखिर में आनंद साव उन्हें बचाने के लिए नीचे उतरे और वह भी गैस की चपेट में आ गए।

एक-एक कर मौत के मुंह में समाते गए लोग

जब काफी देर तक कोई बाहर नहीं आया तो घर और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने किसी तरह सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बड़की देवी, महेंद्र साव और रवि कुमार की मौत हो चुकी थी। आनंद साव को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया।

See also  वृंदावन अश्लील वीडियो कांड: आरोपी वाट्सएप पर बेच रहा 300 रुपये में 40 मिनट के वीडियो, युवतियां परेशान

बंद टैंक में मिथेन गैस बनने की आशंका

हजारीबाग पुलिस की प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई है कि बंद टैंक में सड़े महुआ से मिथेन समेत अन्य जहरीली गैसें बन गई थीं। टैंक में ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण चारों लोग बेहोश हो गए।पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही अवैध शराब निर्माण के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now