संसद में पेश होंंगे तीन बिल: गंभीर आरोपों के बाद पीएम, सीएम मंत्री को पद से हटाने वाला बिल, जम्मू-कश्मीर को मिलेगा राज्य का दर्जा ?

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August 20, 2025

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री बुधवार को संसद में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रहे हैं, जिनके जरिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति में पद से हटाने का कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा। लोकसभा के 20 अगस्त के एजेंडा के मुताबिक

  1. गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज़ (संशोधन) विधेयक, 2025
  2. संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025
  3. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025

गृह मंत्री अमित शाह इन विधेयकों को संसदीय संयुक्त समिति के पास भेजने के लिए लोकसभा में एक प्रस्ताव भी रखेंगे।

गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज़ (संशोधन) विधेयक, 2025

गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज़ अधिनियम, 1963 में वर्तमान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि यदि किसी मुख्यमंत्री या मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाता है, तो उन्हें पद से हटाया जा सके। प्रस्तावित विधेयक अधिनियम की धारा 45 में संशोधन कर इस कमी को दूर करेगा।

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संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025

संविधान में अभी तक प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या राज्य/दिल्ली सरकार के मंत्रियों को ऐसे मामलों में हटाने का कोई प्रावधान नहीं है। यह विधेयक अनुच्छेद 75, 164 और 239AA में संशोधन कर इस संबंध में प्रावधान जोड़ेगा।

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025

जम्मूकश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 में भी इस बात का प्रावधान नहीं है कि केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री या मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तारी या हिरासत के बाद पद से हटाया जा सके। प्रस्तावित विधेयक अधिनियम की धारा 54 में संशोधन कर इस कमी को दूर करेगा।

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