IPS अमरजीत बलिहार के हत्यारे को सजा देने को लेकर दो जजों में मतभेद, एक ने फांसी की सजा रखी बरकरार तो दूसरे ने कर दिया बरी

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July 20, 2025

IPS अमरजीत बलिहार के हत्यारे को सजा देने को लेकर दो जजों में मतभेद, एक ने फांसी की सजा रखी बरकरार तो दूसरे ने कर दिया बरी

रांचीः झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार के हत्यारे दो नक्सलियों सुखलाल उर्फ प्रवीर मुर्मू एवं सनातन बास्की उर्फ ताला दा को दुमका की निचली अदालत से मिली फांसी की सजा मामले में अलग अलग राय दी है। दो जजों की खंडपीठ में शामिल जस्टिस संजय प्रसाद ने दोनों सजायाफ्ता की फांसी की सजा को कंफर्म करने को लेकर राज्य सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए उनकी फांसी की सजा को बरकरार रखा है , वहीं जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय ने दोनों सजायाफ्ता की फांसी की सजा के खिलाफ अपील को स्वीकार करते हुए उन्हें बरी किया है। अब यह मामला चीफ जस्टिस के पास जा सकता है जहां इस मामले पर दूसरी बेंच सुनवाई कर सकती है।

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जस्टिस संजय प्रसाद ने अपने आदेश में नक्सलियों के हमले में शहीद तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार के परिजनों को 2 करोड़ मुआवजा और पांच अन्य शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को 50-50 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है। शहीद एसपी अमरजीत बलिहार के पुत्र या पुत्री को डिप्टी एसपी /डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त करने के साथ-साथ उन्हें उम्र सीमा में छूट देने का भी आदेश दिया है। जबकि अन्य पांच शहीद पुलिस कांस्टेबल के परिजनों को पुलिस विभाग में उनकी योग्यता के अनुसार नियुक्त करने का आदेश भी दिया है। जस्टिस संजय प्रसाद ने अपने आदेश की प्रति झारखंड सरकार के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव गृह विभाग, डीजीपी सहित अन्य आला अधिकारियों को भेजने का निर्देश भी दिया है।

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दरअसल , वर्ष 2013 में पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार चुनाव को लेकर एक बैठक में शामिल होने के लिए दुमका गए थे। इस दौरान लौटने के क्रम में नक्सलियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। नक्सलियों के हमले में तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार सहित 6 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। एसपी अमरजीत बलिहार के हत्यारों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दुमका कोर्ट के फांसी की सजा को चुनौती दी थी। इसमें कहा गया था कि निचली अदालत द्वारा दिया गया फैसला न्याय संगत नहीं है और बिना पुख्ता सबूतों के आधार पर उन्हें फांसी की सजा दी गई है। दोनों ही दोषियों ने अपनी रिहाई की मांग भी अपील के माध्यम से की थी।

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दुमका की अदालत ने सुनाई थी सजा
दुमका के चतुर्थ जिला एवं सत्र न्यायाधीश तौफीकुल हसन की विशेष अदालत ने तत्कालीन पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार के अलावा 5 पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में प्रवीर दा उर्फ सुखलाल मुर्मू और सनातन बास्की उर्फ ताला दा को फांसी की सजा सुनाई थी, अदालत ने भादवि की धारा 307, 396,302 एवं आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनायी थी।

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