दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की याद में राजधानी रांची के हरमू रोड स्थित बाईपास में स्मृति स्थल बनाया जाएगा। प्रस्तावित निर्माण स्थल के लिए नगर विकास विभाग ने झारखंड राज्य आवास बोर्ड से जमीन मांगी है। आवास बोर्ड ने जमीन चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, बाईपास रोड में डीपीएस स्कूल के पास स्थित भुसूर मौजा में गुरुजी का स्मृति स्थल बनाने की तैयारी है। मुख्य मार्ग पर स्थित भुसूर मौजा में कई एकड़ जमीन खाली पड़ी है।
बता दें कि आवास बोर्ड ने अपने प्रस्तावित एकीकृत आवासीय योजना के लिए भुसूर सहित पांच मौजा में एचईसी से कई एकड़ जमीन का भी अधिग्रहण किया है। इसमें भुसूर मौजा में 59.13 एकड़ अधिग्रहित जमीन है। इसी में से शिबू सोरेन के स्मृति स्थल बनाने के लिए जमीन चिह्नित करने का काम शुरू हुआ है। यह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है।
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नई दिल्ली से रांची एयरपोर्ट से आने के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या अन्य केंद्रीय मंत्रियों द्वारा भी राजभवन या अन्य जगह जाने के लिए इसी बाईपास मार्ग का उपयोग किया जाता है। ऐसे में जिस भुसूर मौजा में जमीन का चिह्नितीकरण हो रहा है, अगर यहां स्मृति स्थल बनता है तो गणमान्य लोगों को रुक पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने में आसानी होगी।
इसलिए इस स्थल का चयन किया जा रहा है, क्योंकि बाहर से आने वाले वीवीआईपी इसी सड़क का इस्तेमाल राजभवन और अन्य जगह जाने के लिए करते हैं। एयरपोर्ट से आने पर रास्ते में बिरसा चौक पर भगवान बिरसा को श्रद्धांजलि देते हैं, उसी प्रकार दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि देंगे। यहां से गुजरने वाले लाखों लोगों को गुरुजी के स्मृति स्थल का अवलोकन करने में आसानी होगी।
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स्मृति स्थल में क्या-क्या होगा
1. चार एकड़ जमीन पर बनने वाला स्मृति स्थल होगा भव्य
2. आवास बोर्ड द्वारा भुसूर मौजा में करीब चार एकड़ जमीन स्मृति स्थल बनाने के लिए नगर विकास विभाग को देने की तैयारी है।
3. मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका की तर्ज पर ही शिबू सोरेन का स्मृति स्थल बनाया जाएगा। यहां उनकी एक प्रतिमा लगेगी।
4. स्मृति स्थल परिसर में चारों तरफ पार्क होंगे और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी।
5. जमीन चिह्नित होने के बाद स्मृति स्थल पर सौंदर्यीकरण से जुड़े अन्य कई महत्वपूर्ण कार्य की रूपरेखा भी नगर विकास विभाग द्वारा तैयार की जाएगी।
6. निर्माण राशि का विभाग के स्तर पर आकलन किया जाएगा, फिर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति ली जाएगी।


