- Advertisement -
cmjaypalcmjaypal

मई का महीना झारखंड के IAS अधिकारियों के लिए बना काल ! विनय चौबे से पहले छवि रंजन और पूजा सिंघल हो चुकी है गिरफ्तारी

मई का महीना झारखंड के IAS अधिकारियों के लिए बना काल ! विनय चौबे से पहले छवि रंजन और पूजा सिंघल हो चुके है गिरफ्तार

रांचीः झारखंड के तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अबतक भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार हो चुके है। ये अजब संयोग ही है कि इन तीनों आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी मई के महीने में ही हुई है। इन अधिकारियों के बीच अंतर ये है कि भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों में इनकी गिरफ्तारी हुई है। पूजा सिंघल और छवि रंजन को ईडी ने गिरफ्तार किया था तो विनय चौबे को राज्य की जांच एजेंसी एसीबी ने अरेस्ट किया है। पूजा सिंघल फिलहाल जमानत पर है और उन्हे पोस्टिंग भी मिल गई है वहीं छवि रंजन अब भी जेल में है।

विनय चौबे और गजेंद्र सिंह को ACB ने किया अरेस्ट, कोर्ट ने 15 दिन के न्यायिक हिरासत में भेजा
सबसे पहले राज्य की तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को ईडी ने 11 मई 2022 को मनरेगा घोटाला में गिरफ्तार किया। इससे पहले उनके कई ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी। पूजा सिंघल के सीए के आवास और दफ्तर में छापेमारी के दौरान ईडी को 19.31 करोड़ रुपया मिला था। 2000 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल करीब 28 महीनों तक जेल में रही इसके बाद 7 दिसंबर 2024 को बीएनएस कानून के तहत उन्हे जमानत मिल गई और वो जेल से बाहर आ गई।

See also  रांची के कई एएसआई का तबादला, SSP ने सभी को अविलंब योगदान का दिया आदेश

चंपाई सोरेन के बाद अब मधु कोड़ा पहुंचे बाबूलाल मरांडी के दरबार में, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से बंद कमरें में हुई मुलाकात
पूजा सिंघल के बाद रांची के उपायुक्त रहे आईएएस अधिकारी छवि रंजन को ईडी ने 4 मई 2023 को गिरफ्तार किया था। रांची में सेना की जमीन के खरीद-फरोख्त मामले में हुई गड़बड़ी को लेकर छवि रंजन को गिरफ्तार किया गया था। उनपर आरोप है कि उन्होने बरियातू स्थित सेना की जमीन के कागजात में हेराफेरी करने वालों की मदद की। उनपर चेशायर होम रोड़ स्थित जमीन घोटाला करने का भी आरोप है। राज्य के समाज कल्याण विभाग के निदेशक रहते हुए ईडी ने उन्हे गिरफ्तार किया था।

पाक के लिए जासूसी की आरोपी ज्योति का बिहार कनेक्शन, इंस्टाग्राम पोस्ट से खुलासा; अजगैवीनाथ मंदिर की बढ़ी सुरक्षा
अब ईडी की जगह राज्य की एजेंसी एसीबी ने शराब घोटाला मामले में उन्हे गिरफ्तार किया है। विनय चौबे जो तत्कालीन प्रधान सचिव उत्पाद एवं मद्य निषेध थे उनके साथ उत्पाद विभाग के अधिकारी गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। उनपर आरोप है कि उन्होने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए प्लेसमेंट ऐजेंसियों का चयन करने में गड़बड़ी की जिससे 38 करोड़ का नुकसान राज्य सरकार को हुआ।

See also  पत्नी की हत्या की, शव के टुकड़े किए, फिर सूटकेस में भर दिया… सास-ससुर को फोन कर बोला- तुम्हारी बेटी को मार दिया
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now