भोजपुरः पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी (Bharat Tiwari Encounter Case) मामले में न्याय की मांग को लेकर उनकी मां आशा देवी द्वारा प्रस्तावित अनिश्चितकालीन अनशन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।स्वजन ने बताया कि आशा देवी की अचानक तबीयत बिगड़ जाने के कारण यह निर्णय लिया गया। अब 20 जुलाई के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी।
करीब एक सप्ताह पूर्व आशा देवी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि यदि न्याय नहीं मिला और मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वह नौ जुलाई से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगी।हालांकि, स्वास्थ्य खराब होने के कारण अनशन स्थगित कर दिया गया है। स्वजन ने कहा कि न्याय की लड़ाई जारी रहेगी और आशा देवी के स्वस्थ होने के बाद आंदोलन की अगली रूपरेखा की घोषणा की जाएगी।

न्यायिक जांच आयोग की कार्रवाई तेज, छह गवाहों को मिला नोटिस
पुलिस द्वारा कथित तौर पर एनकाउंटर में मारे गए बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी मामले की न्यायिक जांच में कार्रवाई तेज हो गई है। न्यायिक जांच आयोग के निर्देश पर जगदीशपुर एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा ने बुधवार को छह गवाहों को समन जारी किया।एसडीपीओ ने बताया कि जिन छह लोगों को समन दिया गया है, उनमें चार बिलौटी गांव तथा दो जवइनिया गांव के निवासी हैं।जवइनिया के दोनों गवाह वर्तमान में पुनर्वास टाउनशिप में रह रहे हैं। सभी गवाहों को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि 17 जून को बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी।इस मामले को लेकर राज्य सरकार ने पटना हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है।आयोग ने मामले से जुड़े सभी पक्षों की सुनवाई के लिए आरा स्थित डीपीआरसी भवन में अपना कार्यालय स्थापित किया है।


