छांगुर गिरोह के कब्जे से छूटी एक छात्रा ने मंगलवार को कई चौकाने वाले खुलासे विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान दी। उसने बताया कि वह कुशीनगर की रहने वाली थी। कई साल पहले वह 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। छांगुर ने जुड़े एक राजनीतिक दल से जुड़े नेता ने उसे नौकरी का झांसा दिया। दुष्कर्म किया और फिर कई साल तक शोषण करता रहा।
इसके बाद वीडियो और आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसने धर्मांतरण करा दिया। हिंदू संगठनों के दखल के बाद वह उससे बंधन मुक्त हो सकी। कार्यक्रम में आयी झारखंड के पलामू में रहने वाली एक युवती ने बताया कि गिरोह के जेहादियों ने उसे अगवा कर धर्मांतरण कराने की कोशिश की थी। सिद्धार्थनगर से आई युवती ने बताया कि गिरोह ने उसकी बहन की हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या जैसे अपराध के बाद भी मामूली धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं की। आरोपी आए दिन धमकी दे रहे हैं और पूरे परिवार को प्रताड़ित करते हैं। विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय ने बताया कि छांगुर की गिरफ्तारी के बाद भी धर्मांतरण के मामले रुक नहीं रहे हैं। कुशीनगर की छात्रा की व्यथा सुनकर उन्होंने वहां के पुलिस अधीक्षक से टेलीफोन पर वार्ता कर जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही है।
धर्मांतरण और अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। छांगुर के खिलाफ जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय की टीम (ईडी) ने बड़ा खुलासा किया है। इस खुलासे में यह बात सामने आई है कि अवैध धर्मांतरण के लिए छांगुर को तुर्किये की कम्पनी फंडिंग कर रही थी। विभिन्न खातों में दो साल के भीतर करीब 20 करोड़ रुपये विदेशी फंडिंग मिली, जिसके पुख्ता सबूत जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं। सूत्रों की मानें तो छांगुर और उसके अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट से जुड़े लोगों की मुश्किलें आने वाले दिनों में और भी बढ़ेंगी।
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अवैध धर्मांतरण के आरोप जलालुद्दीन उर्फ छांगुर व उससे जुड़े सिंडिकेट की जांच एटीएस, एसटीएफ व ईडी कर रही है। अब जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में यह बात सामने आयी है कि छांगुर के प्रमुख राजदार नवीन रोहरा ने यूएई में पांच कम्पनियां खोली थीं। इन कम्पनियों से जुड़े लोगों के नाम पर कई बैंक खाते भी खोलवाए गए थे।
इनमें से एक खाता शारजाह स्थित स्विस बैंक में भी है। सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2019-20 से पहले नवीन अपने आयकर रिटर्न में आमदनी पांच से छह लाख रुपये सालाना दर्शाता था। इन कम्पनियों को खोलने के बाद उसके खाते में अचानक करोड़ों रुपये ट्रांसफर होने लगे। इन खातों में आई रकम को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इसकी जांच की जा रही है। जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है।
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