DESK:संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएसपी) की सिविल सेवा परीक्षा में भोजपुर की बेटी आकांक्षा सिंह ने परचम लहरा दिया है। रणवीर सेना के सुप्रीमो रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती और इंदु भूषण सिंह की बेटी आकांक्षा सिंह ने यूपीएससी क्रैक कर लिया है। आकांक्षा सिंह ने 301वां स्थान हासिल कर भोजपुर का नाम रोशन किया है।
UPSC के मुताबिक, 2025 की सिविल सेवा परीक्षा में 958 उम्मीदवार पास हुए हैं। अनुज अग्निहोत्री ने सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष स्थान (UPSC All India Topper) प्राप्त किया है।

औरंगाबाद की बेटी मोनिका श्रीवास्तव ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 16वां स्थान प्राप्त कर अपने परिवार, समाज और जिले का नाम गौरवान्वित किया है। मोनिका शहर के सत्येंद्र नगर निवासी ई. ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव एवं मां भारती श्रीवास्तव की पुत्री हैं।

पिता जिला परिषद में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। ग्रामीण कार्य विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद जिला परिषद में कार्यरत हैं। मोनिका की प्रारंभिक शिक्षा औरंगाबाद शहर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर और डीएवी पब्लिक स्कूल से हुई। वह पहले आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बिहार टॉपर बनी।ट्रेनिंग के साथ यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। दूसरी बार में शानदार प्रदर्शन करते हुए आल इंडिया में 16वां रैंक हासिल किया है।
पिता ई. बीके श्रीवास्तव ने बताया कि सबसे छोटी पुत्री मोनिका बचपन से असाधारण प्रतिभा की धनी रही हैं। पढ़ाई के प्रति उसकी लगन का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा में राज्य स्तर पर बेहतर स्थान प्राप्त किया था।इसके बाद वर्ष 2016 में आईआईटी गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद मोनिका ने कई प्रतिष्ठित ग्लोबल कंपनियों में काम किया, लेकिन मन में समाज और देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना हमेशा जीवित रहा।इसी सपने ने उन्हें कॉरपोरेट कैरियर छोड़ प्रशासनिक सेवा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मोनिका अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के समर्थन को देती है।औरंगाबाद से शुक्रवार को दिल्ली जा रही मोनिका ने बताया कि माता-पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिक्षा के महत्व को समझाया। उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी अधिकारी बने और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के लिए काम करे। यही सपना उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया। कंप्यूटर साइंस से बी-टेक करने के बाद यूपीएससी में अर्थशास्त्र लेकर पढ़ाई की।
दुमका की बेटी सुदीपा दत्ता ने UPSC में लहराया परचम, हासिल की 41वीं रैंक,
वहीं बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर प्रखंड के कोरजना गांव निवासी उमा कांत सिंह की नातिनी (दोहित्री) रुचि सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल कर आईपीएस बनने का गौरव प्राप्त किया है। हाल ही में घोषित परिणाम में उन्हें 171वां रैंक मिला है।रुचि सिंह का बचपन कोरजना गांव में बीता है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।

इंस्पेक्टर हैं रुच सिंह के पिता
रुचि, कोरजना गांव निवासी निशा सिंह और सदर मटिहानी के महदरपुर गांव निवासी रामशंकर सिंह की पुत्री हैं। उनके पिता पुलिस विभाग में बांका में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
अब बेटे को सैल्यूट करेंगे पापा
अब लोग मजाक में कह रहे हैं कि जिस बेटी को पिता ने प्रेरणा दी, उसी बेटी को अब पिता को सैल्यूट करना पड़ेगा। रुचि की प्रारंभिक शिक्षा बीआरडीएबी बेगूसराय में हुई।उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई यहीं से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित सेंट स्टीफेंस कालेज से आगे की पढ़ाई की। रुचि की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन हुआ है।
UPSC परीक्षा में बिहार के अभिषेक चौहान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने पहले ही प्रयास में 102वीं रैंक हासिल की है। उनकी सफलता से परिवार और इलाके में खुशी का माहौल है।अभिषेक चौहान के पिता प्रोफेसर अभय कुमार सिंह बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं और वर्तमान में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं। उनकी मां अनुराधा राजपूत गृहिणी हैं। अभिषेक मूल रूप से समस्तीपुर जिले के महदीनगर प्रखंड स्थित राजा जान गांव के निवासी हैं।

आरके मिशन से स्कूली शिक्षा
अभिषेक की प्रारंभिक शिक्षा आरके मिशन, पुरुलिया से हुई, जहां से उन्होंने दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने गुरु वशिष्ठ स्कूल, हाजीपुर से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने आईआईटी में दाखिला लिया और वहां से जियोलॉजी विषय में इंटीग्रेटेड एमटेक की डिग्री हासिल की।पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी भी की, लेकिन उनका लक्ष्य शुरू से ही सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करना था। इसी उद्देश्य से उन्होंने नौकरी छोड़कर तैयारी शुरू कर दी।अभिषेक ने अधिकतर तैयारी स्वाध्याय के माध्यम से की। उन्होंने हाजीपुर में रहकर यूपीएससी की तैयारी की और सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। इंटरव्यू की तैयारी के लिए उन्होंने कुछ विशेषज्ञों से मार्गदर्शन भी लिया।



