लोहरदगाः जिले के युवा व्यवसायी शुभम साहू हत्याकांड को लेकर चैंबर ऑफ कॉमर्स के आह्वान पर बंद का एलान किया गया था। जिले में बढ़े क्राइम को लेकर लोहरदगा बंद और चक्का जाम का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के लगभग सभी प्रमुख बाजार स्वत: स्फूर्त बंद रहे, जबकि यात्री बसों से लेकर छोटे-बड़े व्यावसायिक वाहनों और मालवाहक ट्रकों का परिचालन भी पूरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि रांची-लोहरदगा यात्री रेलगाड़ी समेत अन्य ट्रेनों का परिचालन सामान्य दिनों की तरह जारी रहा। सुबह से ही अपर बाजार, मेन रोड, पतराटोली, मिशन चौक, महावीर चौक, बरवाटोली, कचहरी रोड और शहर के अन्य प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में दुकानें बंद रहीं। जिले के कई प्रखंडों और ग्रामीण बाजारों में भी बंद का असर साफ दिखाई दिया। सामान्य दिनों में चहल-पहल से गुलजार रहने वाला शहर शनिवार को लगभग वीरान नजर आया। सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या भी काफी कम रही और सार्वजनिक परिवहन लगभग पूरी तरह ठप हो गया। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने स्पष्ट किया कि यह बंद किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि जिले में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ व्यापारियों और आम नागरिकों की सामूहिक आवाज है। चैंबर अध्यक्ष रितेश साहू ने कहा कि शुभम साहू की हत्या ने पूरे व्यापारिक समुदाय को झकझोर दिया है। उनका कहना था कि यदि पहली घटना के बाद पुलिस समय पर सक्रिय होती तो बाद की घटनाओं को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं से व्यापारी भय के माहौल में कारोबार करने को मजबूर हैं।

जनसमर्थन से सफल रहा बंद, कई संगठनों ने निभाई सक्रिय भूमिका
लोहरदगा बंद को व्यापारिक संगठनों के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी व्यापक समर्थन मिला। भारतीय जनता पार्टी, बस-ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन, सेवा भारती, सामाजिक विचार मंच, सर्राफा व्यवसायी संघ समेत कई संगठनों ने बंद को खुलकर समर्थन दिया। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सुबह से ही शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर बंद को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील करते रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष अजय कुमार पंकज ने कहा कि लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने आम लोगों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को अपराध नियंत्रण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने होंगे। बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके सिन्हा एवं सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि जब तक अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक व्यापार और परिवहन क्षेत्र सुरक्षित नहीं हो सकता। सेवा भारती के जिलाध्यक्ष दीपक सर्राफ ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। वहीं सामाजिक विचार मंच के कंवलजीत सिंह ने कहा कि शुभम साहू की हत्या केवल एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की पीड़ा है। अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी ही लोगों का विश्वास बहाल कर सकती है।

सर्राफा कारोबारियों ने उठाई सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
सर्राफा व्यवसायियों ने भी बंद में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनका कहना है कि जिले में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए प्रमुख बाजारों में स्थायी पुलिस पिकेट स्थापित किए जाएं। साथ ही दिन-रात नियमित गश्त, संदिग्ध वाहनों की सघन जांच और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। व्यापारियों ने जल्द पुलिस अधीक्षक को सुरक्षा संबंधी मांगपत्र सौंपने का निर्णय भी लिया है।

यात्री बसों के पहिए थमे, ट्रेनों का परिचालन सामान्य
लोहरदगा बंद का सबसे अधिक असर सड़क परिवहन पर दिखाई दिया। जिले से संचालित अधिकांश यात्री बसें, मिनी बसें, मालवाहक वाहन और अन्य व्यावसायिक वाहन नहीं चले। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर रेलवे सेवाएं सामान्य रहीं। रांची-लोहरदगा पैसेंजर ट्रेन समेत अन्य रेल गाड़ियां निर्धारित समय के अनुसार चलती रहीं, जिससे रेल यात्रियों को राहत मिली।

पुलिस प्रशासन अलर्ट, एसआईटी की छापेमारी जारी
लोहरदगा बंद को देखते हुए शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन पूरे दिन स्थिति पर नजर बनाए रहा। इधर, शुभम साहू हत्याकांड और लूट के दोनों प्रयासों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार छापेमारी कर रहा है। फोरेंसिक टीम वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने बताया कि अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए झारखंड के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पावरगंज चौक पर सड़क जाम
बंद समर्थकों ने कुछ समय के लिए पावरगंज चौक पर सड़क जाम कर विरोध जताया। हालांकि, थोड़ी देर बाद जाम हटा लिया गया, जिसके बाद वाहनों का परिचालन सामान्य हो सका। इससे राहगीरों और आम लोगों को राहत मिली। हालांकि बंद और चक्का जाम के कारण ट्रकों और यात्री वाहनों का परिचालन प्रभावित रहा। बंद को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस अधिकारी पूरे क्षेत्र में लगातार गश्त करते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।

व्यापारियों ने दी आर-पार की लड़ाई की चेतावनी
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने साफ किया है कि यदि शुभम साहू हत्याकांड के आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई और जिले में व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरे जिले में सुरक्षित और भयमुक्त माहौल स्थापित करने के लिए है। फिलहाल पूरे जिले की निगाह पुलिस कार्रवाई पर टिकी है। लोगों की उम्मीद है कि हत्याकांड और लूट के प्रयास में शामिल अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में लाया जाएगा, ताकि व्यापारियों और आम नागरिकों का प्रशासन पर भरोसा दोबारा कायम हो सके। व्यापारियों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि जिले में अपराध पर स्थायी नियंत्रण के लिए प्रभावी पुलिस व्यवस्था और सख्त कार्रवाई की भी जरूरत है।
















