दिल्ली-एनसीआर में बड़ी तबाही मचाने का था मकसद, पकड़े गए आतंकियों ने क्या बताया?

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, झारखंड एटीएस और रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए दोनों संदिग्ध आतंकी रासायनिक हथियार बनाने में माहिर हैं। इन्हें आतंकी संगठन के स्लीपर सेल में नए युवाओं की भर्ती और उन्हें वारदात के लिए तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया था।

सूत्रों के अनुसार, यह मॉड्यूल दिल्ली-एनसीआर में बड़े पैमाने पर तबाही की साजिश रच रहा था, लेकिन पुलिस ने समय रहते इसे विफल कर दिया। छापेमारी के दौरान अशहर दानिश के पास से पिस्तौल, कई डिजिटल उपकरण, विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाला पाउडर और अन्य सामान बरामद हुआ। साथ ही दिल्ली के कुछ इलाकों की जानकारी वाले दस्तावेज भी मिले, जिनसे उनकी तबाही की तैयारियों का खुलासा हुआ।

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सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि दोनों विदेश से संचालित आतंकी मॉड्यूल के संपर्क में थे। स्पेशल सेल के सूत्रों के अनुसार उन्हें भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल कुछ संदिग्धों की सूचना मिली थी। इसके बाद दिल्ली और झारखंड में संयुक्त छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

दिल्ली और झारखंड से जुड़े होने के कारण पुलिस इस आतंकी मॉड्यूल की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि ताजा गिरफ्तारी ने दोनों राज्यों में सक्रिय आईएसआईएस स्लीपर मॉड्यूल का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई है। नेटवर्क से जुड़े कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। पुलिस ने बताया कि रांची में अभियान के लिए झारखंड एटीएस की मदद ली गई। साथ ही दिल्ली और झारखंड के विभिन्न इलाकों में संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

हिरासत में लिए गए आठों संदिग्धों से पुलिस बरामद आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामान को लेकर पूछताछ कर रही है। कार्रवाई के दौरान आतंकी नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। शुरुआती जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आतंकी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों में हमले की साजिश रच रहे थे। साथ ही आईएसआईएस मॉड्यूल का मकसद देश में अस्थिरता फैलाना और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलना था।

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रांची से गिरफ्तार आतंकी दानिश से संबंध के संदेह में एटीएस की टीम बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के जपला शहर के इस्लामगंज मोहल्ले पहुंची। 23 वर्षीय गुलशेर आलम उर्फ गुलजार आलम उर्फ मुन्ना को हिरासत में लेकर टीम ने हुसैनाबाद थाने में तीन-चार घंटे पूछताछ की।

प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे घर भेज दिया गया। हुसैनाबाद के एसडीपीओ मोहम्मद याकूब ने बताया कि युवक के पास से मोबाइल जब्त कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ रांची गिरफ्तार दानिश से उसकी बातचीत के कारण की गई।

एटीएस व दिल्ली पुलिस की पूछताछ में अशरफ ने कबूल किया है कि वह युवाओं के साथ मिलकर भविष्य में आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। उसने बताया है कि अलग-अलग राज्यों के युवाओं को जोड़कर देशभर में तनाव उत्पन करने, धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की योजना थी। इसी वजह से युवाओं के द्वारा बम भी बनाया जा रहा था, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। दिल्ली में रहने वाले आफताब ने एक सहयोगी को एक सप्ताह पहले रांची भेजा था। रांची में उसने अपने लॉज के बगल स्थित जीके मेंशन में रहने वाले एक युवक को सामान लाने भेजा था।

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