सुप्रीम कोर्ट के जज उज्ज्वल भुयान ने शनिवार यानी 24 जनवरी को न्यायपालिका की आजादी को लेकर सरकार को कठघरे में ला खड़ा किया। उज्ज्वल भुयान ने कहा, ‘न्यायपालिका की आजादी के लिए सबसे बड़ा खतरा सिस्टम के अंदर ही है।’ जज उज्ज्वल भुयान ने केंद्र के सुझाव पर जस्टिस अतुल श्रीधरन को MP हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करने के कॉलेजियम के फैसले पर अपनी असहमति और निराशा जताई।
जज भुयान ने कहा कि यह कॉलेजियम सिस्टम में कार्यकारी प्रभाव का एक बड़ा दखल दिखाता है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। जस्टिस श्रीधरन का नाम लिए बिना, जस्टिस भुयान ने पूछा कि किसी जज को सिर्फ इसलिए एक हाई कोर्ट से दूसरे हाई कोर्ट में क्यों ट्रांसफर किया जाना चाहिए क्योंकि उसने सरकार के खिलाफ कुछ असुविधाजनक आदेश पारित किए थे।
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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अगस्त 2025 में जस्टिस श्रीधरन का ट्रांसफर मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में करने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र की अपील पर कॉलेजियम ने अपना फैसला बदल दिया।
कॉलेजियम ने जस्टिस श्रीधरन को अक्टूबर में इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया था। कई कानून विशेषज्ञों ने इसे सरकार के लिए असुविधाजनक आदेश पारित करने के लिए एक दंडात्मक कदम बताया। जस्टिस श्रीधरन की अध्यक्षता वाली बेंच ने ही मई 2025 में BJP मंत्री विजय शाह के खिलाफ कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने के लिए खुद ही संज्ञान लिया था।
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