सुप्रीम कोर्ट ने JPSC मामले में झारखंड सरकार को भेजा नोटिस, सीबीआई जांच की मांग पर केंद्र को भी नोटिस

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 24, 2026

नईई दिल्ली/रांची: झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को झारखंड सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को नोटिस जारी किया। याचिका में मामले की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच CBI से कराने की मांग की गई है।

इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से दायर की गई है।

एक महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन का दावा

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने अदालत को बताया कि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र एक महीने से ज्यादा समय से आंदोलन कर रहे हैं।

See also  चौकीदारी की सरेआम हत्या, शव के पास पिस्टल का क्या है राज?

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इस फैसले पर तत्काल रोक लगा दी। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार अप्रत्यक्ष रूप से परीक्षा रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका का समर्थन कर रही है।

 

CBI या रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज से जांच की मांग

याचिकाकर्ता के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि जांच CBI को सौंपी जाए या किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।

इस पर CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि किसी पूर्व न्यायाधीश को जांच करने के लिए नहीं कहा जा सकता।

See also  यूपी में ब्लैक लिस्टेड एजेंसी झारखंड में करा रही भर्ती परीक्षाएं, आयोग के सदस्य ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजा

सुनवाई के दौरान CJI ने यह भी पूछा कि क्या न्यायिक भर्ती परीक्षाएं भी राज्य लोक सेवा आयोग के जरिए आयोजित की जाती हैं। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने इसका जवाब हां में दिया।

'परीक्षा रद्द करने से खत्म नहीं होती गड़बड़ी की जांच की जरूरत'

याचिका में कहा गया है कि केवल परीक्षा रद्द कर देने से कथित "व्यवस्थित भ्रष्टाचार" की जांच की जरूरत खत्म नहीं हो जाती। याचिकाकर्ता ने सार्वजनिक अधिकारियों और परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य की जांच को CBI को ट्रांसफर करने की मांग की है।

OMR, CCTV और सर्वर लॉग सुरक्षित रखने की मांग

याचिका में कथित गड़बड़ी से जुड़े भौतिक और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है। इसमें—

  • मूल OMR शीट और अभ्यर्थियों के पास मौजूद कार्बन कॉपी
  • परीक्षा केंद्रों की CCTV फुटेज
  • सर्वर के ऑडिट लॉग
  • अन्य डिजिटल और भौतिक साक्ष्य
See also  JPSC नियुक्ति घोटालाः 12 साल बाद पहले नियुक्ति घोटाले में CBI ने दायर की चार्जशीट

को सुरक्षित रखने की मांग शामिल है, ताकि किसी भी तरह के सबूत से छेड़छाड़ की संभावना को रोका जा सके।

अब सरकार और JPSC के जवाब पर नजर

सुप्रीम कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद अब झारखंड सरकार और JPSC के जवाब पर नजर रहेगी। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में CBI जांच का आदेश नहीं है। अदालत सरकार और आयोग का पक्ष सुनने के बाद आगे इस मामले में फैसला करेगी।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now