चतराः हंटरगंज थानाक्षेत्र के डुमरी कला गांव के टोला सोवादाग में धर्मांतरण की खबर आने के बाद हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पैसे और सुविधाओं का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसको लेकर गांव के लोगों ने थाने में आवेदन दिया।ग्रामीणों के अनुसार, 24 अगस्त को उन्हें सूचना मिली कि गांव में कुछ बाहरी लोग गरीब एवं मजदूर तबके के लोगों को बहला-फुसलाकर तथा प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
सूचना मिलने पर ग्रामीण निर्मल साव के घर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि वहां 20 से 25 महिला-पुरुष मौजूद थे और लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए कथित रूप से प्रेरित किया जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, यह गतिविधि बेला गांव की सुग्गी देवी और डुमरी कला गांव की गुड़िया देवी के नेतृत्व में चल रही थी। इसमें 20-25 बाहरी लोगों के शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पैसे और अन्य सुविधाएं देने का प्रलोभन देकर एक विशेष धर्म अपनाने के लिए लोगों पर दबाव बनाया जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों महिलाओं ने कहा कि उनके बताए धर्म को अपनाने पर लोगों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध करने पर उन्हें कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई।
इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने मौके पर कुछ लोगों को धर्म प्रचार करते और लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास करते हुए देखा। पुलिस ने मौके से एक धार्मिक ग्रंथ भी बरामद किया। धर्म परिवर्तन के आरोप में कई लोगों को पूछताछ के लिए थाना लाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी इस तरह की घटना की शिकायत सामने आई थी। उस समय संबंधित लोगों को थाना बुलाकर समझाया गया था। इसके बावजूद लगातार लोगों को कथित रूप से बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने धर्मांतरण के आरोपों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।







