डेस्कः लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। लेह में हुई हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने अपने तेवर सख्त करते हुए सोनम वांगचुक के खिलाफ पिछले दो दिनों में दो बड़े एक्शन लिये है। गुरुवार को उनके एनजीओ का लाइसेंस रद्द किया गया और शुक्रवार को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।
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वांगचुक की गिरफ्तारी लेह हिंसा मामले में की गई है।इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में कल गुरुवार को लगातार तनावपूर्ण शांति बनी रही। इस बीच पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने लेह शहर में सख्ती से कर्फ्यू लागू किया। 2 दिन पहले पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान अचानक से हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में 4 लोगों की जान चली गई जबकि 90 अन्य घायल हो गए थे।
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राज्य की मांग को लेकर भड़क गई थी हिंसा
लेह एपेक्स बॉडी (LAB) की ओर से लद्दाख के लिए छठी अनुसूची के विस्तार और राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर 2 दिन पहले बुधवार को बुलाए गए बंद के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। कार्रवाई पर पुलिस अधिकारी ने बताया,’कर्फ्यू वाले इलाकों में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। कहीं से भी किसी घटना की सूचना नहीं है।’इस बीच लेह के जिला मजिस्ट्रेट रोमिल सिंह डोनक ने कल गुरुवार को शुक्रवार से अगले 2 दिन के लिए सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया।इस दौन आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे।
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हिंसा के बाद वांगचुक को खत्म करनी पड़ी भूख हड़ताल
लेह में हिंसा बढ़ने के कारण सोनम वांगचुक को अपनी पखवाड़े भर से चल रही भूख हड़ताल को बीच में ही छोड़ना पड़ा। भूख हड़ताल के दौरान उन्होंने इस हिंसा की निंदा भी की थी। उन्होंने हिंसा की आलोचना करते हुए कहा, “यह लद्दाख के लिए सबसे दुखद दिन है। पिछले पांच सालों से हम जिस रास्ते पर चल रहे थे, वह शांतिपूर्ण था।”




