मुजफ्फरपुरः शराबबंदी वाले बिहार में शराब तस्करी के एक से एक अनोखे तरीके अपनाये जा रहे है। बिहार के मुजफ्फरपुर में ऐसी ही एक तस्करी देखकर पुलिस हैरान रह गई, जहां कॉपी के पन्नों के बीच शराब की तस्करी हो रही थी।
दरअसल, मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग को सूचना मिली कि भीखनपुर इलाके में ई-ऑटो के जरिए शराब की खेप पहुंचाई जाने वाली है। उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम के निर्देश पर टीम गठित की गई। एसआई राजा जन्मेजय के नेतृत्व में टीम कार्रवाई के लिए भेजी गई। टीम ने सूचना के आधार पर ई-ऑटो को रोककर तलाशी ली।


कॉपी के पन्नों को काटकर बिहार में शराब की तस्करी
मुजफ्फरपुर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
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— Live Dainik (@Live_Dainik) September 5, 2026
पुलिस भी रह गई हैरान
ऑटो में तीन बोरियां मिलीं। पहली नजर में बोरियों में नोटबुक के बंडल दिखाई दिए। लेकिन पुलिस को शराब की खेप होने की सूचना पहले से थी। इसलिए बारीकी से जांच की गई। नोटबुक को खोलने पर पुलिस भी हैरान रह गई। करीब 18 बंडलों की नोटबुक के बीच का हिस्सा काटकर उसमें शराब की बोतलें छिपाई गई थीं।

दो बोरियां ऑटो के पीछे खाली जगह में रखी थीं। तीसरी बोरी पीछे की दोनों सीटों के बीच रखी गई थी।पैकिंग इस तरह की गई थी कि जांच के दौरान भी आसानी से शराब का पता नहीं चल सके। पुलिस ने तुरंत ऑटो को कब्जे में लिया, ई-ऑटो से शराब की 360 बोतलें बरामद की हैं। मामले में ऑटो चालक मो. सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार किया गया है।

एक ट्रिप के एक हजार
पूछताछ में गिरफ्तार चालक सद्दाम अंसारी ने पुलिस को बताया कि शराब की खेप उसे प्रिंस नाम के व्यक्ति ने दी थी। एक ट्रिप में शराब पहुंचाने के बदले उसे 1 हजार रुपये मिलने थे। चालक ने खुद को इस नेटवर्क में नया बताया है। उसने शराब कहां से आई और किसे पहुंचानी थी, इसकी जानकारी होने से इनकार किया है। हालांकि उत्पाद विभाग गंभीरता से उससे पूछताछ कर रही है।




