JPSC परीक्षा घोटाला: स्ट्रॉन्ग रूम से निकालकर भरी कॉपियां, 100 अभ्यर्थियों से वसूले करोडों रुपए

Picture of Live Dainik

Live Dainik

September 5, 2026

JPSC परीक्षा घोटाला: स्ट्रॉन्ग रूम से निकालकर भरी कॉपियां, 100 अभ्यर्थियों से वसूले करोडों रुपए

रांचीः जेपीएससी की सहायक वन संरक्षक(ACF) और वन क्षेत्र पदाधिकारी(FSO) परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली हुई। करीब 100 अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए करोड़ों रुपए वसूले गए थे। गिरफ्तार आरोपियों से सीआईडी की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। इन अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपए वसूले गए। वहीं दूसरे चरण में मुख्य परीक्षा में औसत अंक पाने वाले छात्रों के नंबर बढ़वाने के लिए संबंधित परीक्षकों से संपर्क साणा गया जो अभ्यर्थी ज्यादा सवालों के जवाब नहीं दे पाए, उनकी कॉपी जेपीएससी के स्ट्रॉग्न रूम से निकालकर मॉडल उत्तरों के जरिए लिखवाई गई।

यह सनसनीखेज खुलसा होने के बाद सीआईडी अब आरोपियों के बयानों से मिले तथ्यों की पुष्टि में जुट गई है। परीक्षा परिणाम, ओएमआर शीट और मुख्य परीक्षा की मूल उत्तर पुस्तिकाओं का फॉरेंसिक व तकनीकी सत्यापन कराया जा रहा है। सीआइडी की पूछताछ में परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह व अभय तिवारी ने इसका खुलासा किया है।
रामबीर ने यह भी बताया है कि अभ्यर्थियों की खाली ओएमआर शीट भरने के लिए दिल्ली और लखनऊ से विशेष टीम आई, जबकि मुख्य परीक्षा के प्रश्न रांची व हजारीबाग के परीक्षा केंद्र से बाहर ले जाए गए और लिखवाए गए। टीडीपीएल के एक कर्मी प्रदीप वर्मा के अनुसार उसने ही स्ट्रांग रूम से करीब 30 अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं निकालीं थीं। बाहर से लिखवाने के बाद पुन: कापियां वापस वहां रखी गईं।एक आरोपित संजय के अनुसार ने पूछताछ में खुलासा किया कि एफआरओ मुख्य परीक्षा में करीब 25 और एसीएफ मुख्य परीक्षा में करीब 15 अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं में बदलाव कर पास कराया गया था।

See also  गोद ली हुई बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर कर दी मां की हत्या, घर में पड़ा था शव और ऑनलाइन मंगा रही थी खाना

किस आरोपी ने क्या कहा ?
प्रदीप का बयान : आरोपी प्रदीप ने अपने क्यान में बताया है कि ACF और FRO की मुख्य परीक्षा की करीब 30 छात्रों की उत्तर पुस्तिका उसने जेपीएससी के स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकाली थी। इन कॉपियों को उसने रामवीर को सौंपा था। बाहर उत्तर पुस्तिका को लिखवाकर वापस JPSC में जमा कराया गया था।
संजय का बयान : आरोपी संजय ने अभय और रामवीर के बयान का आगे समर्थन करते हुए बताया है कि एफआरओ मेस में करीव 25 और एसीएफ मेस में करीब 15 यानी कुल करीब 40 अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका पीडीएफ एडिटर के जरिये परिवर्तित कर पास करायी गयी थी।
अभय का बयान : मुख्य आरोपी अभय तिवारी के बयान से यह तथ्य भी सामने आया है कि जिन अभ्यर्थियों को जवाब नहीं आता था, उनकी कॉपी को स्ट्रॉन्ग रूम से निकाल कर बाहर ले जाया जाता था और मॉडल उत्तर उपलब्ध करा जवाब लिखवाये जाते थे। जिन अभ्यर्थियों ने खुद ठीक उत्तर लिखे थे, उनके नंबर बढ़ाने के लिए प्रोफेसरों से संपर्क किया जाता था।
उस्मान का बयान : आरोपी उस्मान ने अपने बयान में बताया है कि करीब 100 छात्रों को अनुचित माध्यम से एफआरओ और एसीएफ परीक्षा पास करायी गयी थी। इसकी जानकारी उसने सीआइडी को दी है।
रामवीर का बयान : प्रदीप के बयान का समर्थन करते हुए रामवीर ने बताया है कि एफआरओ परीक्षा के दौरान अभय तिवारी, धर्मेंद्र और आनंद ने करीब 15 अभ्यर्थियों का रोल नंबर उसे दिया था। प्रति कैंडिडेट 8 से 10 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। रामवीर के मुताविक धर्मेंद्र के जरिये दिये गये 10-12 अभ्यर्थियों का काम पूरा हुआ, जबकि अभय तिवारी के करीब 50 अभ्यर्थियों का। इसके एवज में अभय तिवारी ने उसे 1.20 करोड़ रुपये नकद दिये थे। रामवीर ने यह भी बताया कि मुख्य परीक्षा के पेपर हजारीबाग और रांची में बाहर लिखे गये थे। इसके अलावा उसने यह भी खुलासा किया कि खाली छूटी OMR सीट को भरने के लिए लखनऊ और दिल्ली से टीम को बुलाया गया था।

See also  जमशेदपुर के व्यवसायी से 6 करोड़ की धोखाधड़ी, 5 के खिलाफ FIR दर्ज
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now