शुभम जायसवाल का कोडिन कांड: यूपी में कागजी दवा दुकानों का लाइसेंस फौरन होगा रद्द, सख्ती के दिए गए आदेश

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November 28, 2025

Shubham Jaisawal

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप एवं अन्य एनडीपीएस (NDPS) श्रेणी की दवाओं के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय और वितरण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

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जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोडीन युक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाएं औषधि नियमावली, 1945 की अनुसूची-एच व एच-1 के तहत नियंत्रित हैं। इन दवाओं की बिक्री केवल पंजीकृत चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन पर ही की जा सकती है तथा विक्रय-वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन दवाओं का गैर-चिकित्सीय उपयोग युवाओं में नशे का कारण बन रहा है, जिससे गंभीर सामाजिक व स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

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हालिया निरीक्षण अभियानों में सामने आया है कि कई औषधि प्रतिष्ठान या तो भौतिक रूप से अस्तित्व में नहीं पाए गए या केवल “पेपर पॉइंट” के रूप में संचालित हो रहे हैं। अनेक स्थानों पर दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। इन तथ्यों के आधार पर कुछ मामलों में संबंधित फर्मों व संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि औषधि निरीक्षक द्वारा नियम 51 के अंतर्गत नियमित निरीक्षण किया जाए। लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में नियम 66 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना वास्तविक अस्तित्व वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, आवासीय भवनों में दवा बिक्री के लाइसेंस को मान्यता नहीं देने, नए लाइसेंस के लिए जियोटैग्ड फोटो अनिवार्य करने और केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। अनुभव प्रमाण-पत्र के आधार पर आवेदन करने वालों के प्रमाण-पत्र का अनिवार्य सत्यापन भी किया जाएगा।

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विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में संगठित अपराध से जुड़े तत्व सामने आते हैं तो उनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई पर विचार किया जाए।

अंत में आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों से अपील की है कि एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं के अवैध उपयोग, भंडारण और बिक्री पर सख्ती से नियंत्रण बनाए रखने के लिए विभागीय कार्रवाई का अपने स्तर से प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करें।

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