गुरुवार से शुरू हुए संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर चर्चा जारी है। लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय पहले ही लिया जा चुका है, लेकिन इसे लागू करने से पहले सरकार परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। इसी मुद्दे पर लोकसभा में चर्चा के दौरान तीखी बहस और गहमागहमी देखने को मिली।
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के मुंबई दक्षिण से सांसद अरविंद गणपत सावंत ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के बाद बोलने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
अपने भाषण के दौरान महिला आरक्षण पर बोलते-बोलते सावंत ने अचानक कुलदीप सेंगर और बृजभूषण शरण सिंह का जिक्र कर दिया। उन्होंने कहा कि यह नहीं भूलना चाहिए कि ये लोग कौन हैं और किस पार्टी से जुड़े हैं।
सावंत के इन नामों का उल्लेख करते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया और भाजपा के कुछ सदस्य नारेबाजी करने लगे। इस पर स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि संसद में इस तरह के आरोप नहीं लगाए जा सकते। नारेबाजी के बीच सावंत ने तीखी टिप्पणी भी की, जिससे माहौल और गरमा गया।
इसी दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी पलटवार करते हुए आदित्य ठाकरे का नाम उठाया और कहा कि यदि दूसरे नेताओं पर आरोपों की बात होगी तो उनकी भी चर्चा होनी चाहिए।
कुलदीप सेंगर, बृजभूषण शरण सिंह और आदित्य ठाकरे के नाम आने के बाद कुछ समय के लिए सदन में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि, बाद में अध्यक्ष के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हुई और कार्यवाही आगे बढ़ सकी।


