रांचीः झारखंड राज्य गठन के महानायक और आदिवासियों के हक-अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मंगलवार को देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपर्दी मुर्मू यह सम्मान प्रदान किया। गुरुजी को यह सम्मान मरणोपरांत लोक कल्याण और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण के लिए उनके ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए दिया गया है। केंद्र सरकार ने इसी वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इसकी घोषणा की थी।शिबू सोरेन के पद्म भूषण सम्मान को उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने राष्ट्रपति के हाथों हासिल किया। इस दौरान स्वर्गीय शिबू सोरेन की बहू कल्पना सोरेन और बेटी अंजली सोरेन भी मौजूद थी।
#WATCH राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन (मरणोपरांत) को पद्म भूषण से सम्मानित किया। उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने सम्मान प्राप्त किया।@HemantSorenJMM @JMMKalpanaSoren @JmmJharkhand @JharkhandCMO @Jmm_Mahila @VinodPandeyJMM @BasantSorenMLA pic.twitter.com/SXEtFYCdcc
— Live Dainik (@Live_Dainik) June 23, 2026
गौरतलब है कि लंबी बीमारी के बाद पिछले साल चार अगस्त 2025 को शिबू सोरेन का निधन हो गया था। निधन के समय वे राज्यसभा के सांसद थे। इससे पहले झारखंड विधानसभा ने उन्हें भारत रत्न देने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था। इस गौरवमयी पल की साक्षी बनने के लिए शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन और बहू कल्पना सोरेन सोमवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गई। जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि राष्ट्रपति के हाथों यह सम्मान रूपी सोरेन ग्रहण करेंगी। इस दौरान कल्पना सोरेन भी मौजूद रहेंगी। शिबू सोरेन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री होने के साथ ही लगातार आठ बार लोकसभा सांसद, केंद्र सरकार में कोयला मंत्री और राज्यसभा के सांसद रह चुके है।




