रांचीः झारखंड में अब एक सितंबर ने निजी हाथों में शराब की बिक्री चली जाएगी। शराब की खुदरा बिक्री का काम एक सितंबर से निजी हाथों में चला गया है। इसको लेकर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी। झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली, 2025 के तहत खुदरा उत्पाद दुकानों का संचालन होगा। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी गई है।

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शुक्रवार से 45 दिनों के भीतर लॉटरी के जरिए निजी हाथों में शराब दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इससे पहले दुकानों के रेवेन्यू और टारगेट की लिस्ट तैयार होगी। उसी आधार पर ऑनलाइन लॉटरी होगी। 15 अगस्त तक इस प्रक्रिया को पूरा करना है। तबतक खुदरा दुकानों का संचालन झारखंड बिवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के स्तर से किया जाएगा। इस दौरान मैनपावर की कमी की वजह से आधी से ज्यादा दुकानों के बंद रहने की संभावना है। फिलहाल, प्लेसमेंट एजेंसियों से जुड़े स्टॉफ के जरिए जेएसबीसीएल की देखरेख में दुकानें संचालित होगी।
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बता दें कि झारखंड में फिलहाल 1,453 शराब की खुदरा दुकानें संचालित हो रही थी। अब नई व्यवस्था के तहत शराब दुकानों की संख्या बढ़कर 1600 के करीब होने की संभावना है। इससे राज्य सरकार के राजस्व में इजाफा होगा। साथ ही निजी हाथों से दुकानों का संचालन होने पर बाजार में एक प्रतिस्पर्धा विकसित होगी। इसका फायदा ग्राहकों को मिलेगा। दुकानों में हर तरह के कलेक्शन रखने होंगे।अब तक प्लेसमेंट एजेंसियियों की मोनोपॉली थी।दुकान के स्टॉफ ग्राहकों से प्रिंट से ज्यादा रकम वसूलते थे।लेकिन 1 सितंबर से इस तरह की धांधली और मनमानी पूरी तरह बंद हो जाएगी।


