नई दिल्लीः रतन टाटा सिर्फ बिजनेस लीजेंड नहीं थे, बल्कि एक नेकदिल इंसान भी थे। जीते जी तो उन्होंने अपने साथ काम करने वाले लोगों का ख्याल रखा ही, मौत के बाद भी उनको कोई तकलीफ न हो, इसका इंतजाम भी वे अपनी वसीयत में कर गए। रतन टाटा ने अपने घरेलू सहायकों, ऑफिस स्टाफ और यहां तक कि अपने प्यारे पालतू कुत्ते ‘टीटो’ के लिए भी करोड़ों की संपत्ति छोड़ी है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए सिर्फ ₹2500 रुपये ही रखे।
रतन टाटा की वसीयत के अनुसार, उनके घर और ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ₹3.5 करोड़ से ज्यादा की राशि दिग्गज उद्योगपति ने छोड़ी है। उन्होंने अपने कार क्लीनर, चपरासी और अन्य स्टाफ के सभी कर्ज भी माफ कर दिए। उन्होंने 7 साल से ज्यादा सेवा देने वाले कर्मचारियों को ₹15 लाख और अंशकालिक कर्मचारियों व कार क्लीनरों को ₹1 लाख देने का निर्देश भी अपनी वसीयत में दिया। 23 फरवरी 2022 को बनाई गई अपनी वसीयत में रतन टाटा ने लिखा कि उनके कर्मचारियों द्वारा लिया गया कर्ज अब उधार नहीं बल्कि उनकी तरफ से दिया गया तोहफा माना जाए।
Ghibli Trend में आपने भी शेयर किए हैं अपने प्राइवेट फोटो? जानिए कितना डरावना है इसका ‘सच’
रसोइये को बनाया करोड़पति
टाटा के साथ लंबे समय से काम कर रहे रसोइए रंजन शॉ को उन्होंने ₹1 करोड़ दिए है, जिसमें ₹51 लाख का कर्ज माफ भी शामिल है। उनके बटलर सुब्बैया कोनार को ₹66 लाख (₹36 लाख का कर्ज माफ) और उनकी सचिव डेलनाज गिल्डर को ₹10 लाख रुपये दिए गए हैं। टाटा की वसीयत को पूरा करने के लिए टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी दारियस खंबाटा और अन्य लोगों को ₹5 लाख प्रति व्यक्ति इनाम के तौर पर दिए जाने का जिक्र भी उनकी वसीयत में है।
सहायक की MBA की फीस माफ
उन्होंने अपने कार्यकारी सहायक शांतनु नायडू को कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में MBA के लिए दिए गए ₹1 करोड़ के लोन को पूरी तरह माफ कर दिया। ड्राइवर राजू लियोन को ₹1.5 लाख दिए और ₹18 लाख का कर्ज माफ कर दिया। टाटा ने अपने पड़ोसी जेक मालेते का ₹23.7 लाख का लोन भी माफ कर दिया, जो उन्होंने वारविक बिजनेस स्कूल (यूके) में MBA करने के लिए लिया था।
पालतू कुत्ते के लिए 12 लाख रुपये
रतन टाटा के प्यारे जर्मन शेफर्ड ‘टीटो’ के लिए ₹12 लाख अलग से रखे गए। हर तिमाही टीटो के लिए ₹30,000 खर्च किए जाएंगे, और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी रंजन शॉ को सौंपी गई।
संपत्ति में किसको मिला कितना हिस्सा
रतन टाटा की वसीयत के अनुसार, भाई जिमी टाटा को मुंबई के जुहू स्थित पारिवारिक संपत्ति का हिस्सा मिलेगा, जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपये आंकी गई है। दोनों सौतेली बहनों को उनकी बाकी बची संपत्ति का एक-तिहाई हिस्सा मिलेगा। इसमें बैंक में जमा 385 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। अलीबाग स्थित 6.2 करोड़ रुपये की संपत्ति और बंदूकें रतन टाटा के मित्र मेहली मिस्त्री को दी गई हैं। टाटा संस में रतन टाटा की 70% हिस्सेदारी रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन (RTEF) को और शेष 30% हिस्सेदारी रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट (RTET) को दी गई है।
रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में आज होगी बारिश, ओलावृष्टि कल से, 5-7 डिग्री तक गिरेगा पारा


