पश्चिम सिंहभूमः तांतनगर अंचल के राजस्व उपनिरीक्षक राजेश कुमार की बुधवार कार्यालय में हार्ट अटैक से हुई मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, कार्य करते हुए राजस्व उपनिरीक्षक राजेश कुमार अचानक बेहोश हो गये। साथी कर्मचारी उन्हें उठाकर तांतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गये।


आरोप है कि वहां बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण राजस्व उपनिरीक्षक की जान नहीं बच सकी। अस्पताल में न तो समय पर ऑक्सीजन दी जा सकी और न सदर अस्पताल भेजने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध हुई। काफी मशक्त के बाद निजी वाहन से ले जाया गया, जहां उनकी सांसे थम गयीं। तांतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले छह महीनों से एम्बुलेंस नहीं है। आपात स्थिति में मरीजों को मंझारी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर रहना पड़ता है। अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन तक की व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में पूछने पर कोई जवाब देने वाला नहीं है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
इस मामले में पश्चिमी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ मीना कालुंडिया ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तांतनगर में स्वास्थ्य विभाग की अपनी सरकारी एम्बुलेंस की सुविधा नहीं है। गर्भवती महिलाओं के लिए ममता वाहन की सुविधा है। निजी वाहन से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जाता है। 108 एम्बुलेंस रांची से फोन के माध्यम से लाइनअप की जाती है। कभी कभार लेट से एम्बुलेंस पहुंचने की शिकायत मिलती है, पूर्व के सिविल सर्जनों ने भी एम्बुलेंस की मांग की है।





