डेस्क- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और व्लादीमिर पुतिन साथ-साथ चल रहे थे और बगल में उत्तरी कोरिया के किम जोंग थे । बातचीत चल रही थी… पहले तो लोग बमुश्किल सत्तर साल जीते थे अब तो 70 साल में बच्चे ही रहते हैं । फिर दोनों कहते हैं ऑर्गन ट्रांसप्लांट से 150 वर्ष जीवित रहन आसान हो गया है । दोनों नेता 150 साल तक जीने पर चर्चा करते हुए नजर आए । ये पूरी बातचीत वीडियो में रिकॉर्ड हो रही थी .
बीजिंग में आयोजित चीन की भव्य “विक्ट्री डे परेड” के दौरान एक दिलचस्प और चौंकाने वाली बातचीत सामने आई। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को परेड के इतर आपस में लंबी उम्र और अमरता पर चर्चा करते हुए कैमरे और माइक्रोफ़ोन ने कैद किया। अंग्रेजी पत्रिका पॉलिटिको में प्रकाशित खबर के मुताबिक सीसीटीवी पर रिकॉर्ड हुई ऑडियो के अनुसार, दोनों नेताओं ने अंग प्रत्यारोपण और उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं के ज़रिए कम से कम 150 साल जीने की संभावना पर बात की।
Quite a hot mic moment on CCTV in Beijing today as Putin and Xi, both 72 years old, are caught casually talking about living to 150 and maybe forever thanks to organ transplants. (As picked up by Bloomberg.) pic.twitter.com/kC4VTRaobq
— Yaroslav Trofimov (@yarotrof) September 3, 2025
शी जिनपिंग ने पुतिन से कहा, “पहले लोग मुश्किल से 70 साल जी पाते थे, लेकिन आजकल 70 की उम्र में भी इंसान को बच्चा समझा जाता है।” इस पर पुतिन ने जवाब दिया, “बायोटेक्नोलॉजी के विकास के साथ मानव अंगों का लगातार प्रत्यारोपण संभव है। इंसान और युवा रह सकता है और शायद अमरता भी हासिल कर सकता है।”
शी ने आगे कहा, “अनुमान है कि इस सदी में इंसान 150 साल तक जीने में सक्षम हो सकता है।” बुधवार को बीजिंग में आयोजित इस विशाल सैन्य परेड में शी जिनपिंग ने पुतिन और उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन समेत 26 विश्व नेताओं की मेज़बानी की। यह पहला अवसर था जब तीनों नेता — शी, पुतिन और किम — एक साथ सार्वजनिक रूप से नज़र आए।
गौरतलब है कि चीन पर लंबे समय से अंगों की अवैध कटाई (ऑर्गन हार्वेस्टिंग) का आरोप लगता रहा है। 2015 में मृत्युदंड पाए कैदियों से अंग लेने पर आधिकारिक रोक लगा दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद यह प्रथा जारी रही। आरोप है कि सरकार ने इसके लिए पश्चिमी चीन के दमन झेल रहे उइगर मुसलमानों जैसे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया।
बताया जा रहा है कि क्रेमलिन ने अपने वैज्ञानिकों को बुढ़ापे को रोकने वाली रिसर्च को तेज़ करने का निर्देश दिया है। इसमें कोशिकाओं के क्षरण, स्मृति ह्रास और इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।












