लोहरदगा : जनजातीय बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि, रोजगार और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डा. आशा लकड़ा ने रविवार को पेशरार प्रखंड में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे आयोग की सदस्य के समक्ष रखीं। शिकायतों को सुनने के बाद डॉ. आशा लकड़ा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक आईटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, जिला परिवहन पदाधिकारी जया शंखी मुर्मू, किस्को के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिवाकर कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी सरस्वती कच्छप, पेशरार के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जनजातीय समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। संवाद के दौरान कई मामलों में संबंधित अधिकारियों ने मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।

ग्रामीणों ने उठाए बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे
जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निष्पादन, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कई सामाजिक संगठनों ने जनजातीय क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की मांग भी की।

अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनजातीय समाज से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और शिकायतों का निस्तारण पूरी पारदर्शिता एवं विधिसम्मत तरीके से करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
बैठक में कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से संबंधित योजनाओं की प्रगति की भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनजातीय बहुल गांवों में संचालित योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए, ताकि पात्र लाभुक किसी भी सरकारी सुविधा से वंचित न रहें। साथ ही ग्रामीणों से भी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ लेने और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की गई।










