डेस्कः संसद के मॉनसून सत्र से पहले दिल्ली पुलिस ने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर बड़ा अलर्ट जारी करते हुए साफ किया है कि इस प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है, न ही मंजूरी दी गई है। ऐसे में बिना इजाजत मार्च, जुलूस या प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसे पहले CrPC की धारा 144 के नाम से जाना जाता था। इसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक जगह जुटने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी।
5 या अधिक लोगों के जुटने पर रोक
दिल्ली पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। इसके तहत विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है। केवल जंतर-मंतर स्थित निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर पूर्व अनुमति के साथ ही विरोध-प्रदर्शन किया जा सकता है।
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In view of reports of a proposed march to Parliament by CJP on 20.07.2026 (Monday), Delhi Police hereby categorically clarifies that no permission has been sought or granted for any such protest march/procession.
Prohibitory order under Section 163 BNSS…
— DCP New Delhi (@DCPNewDelhi) July 19, 2026
संसद सत्र के चलते कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली पुलिस ने बताया कि 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है। इसे देखते हुए सांसदों, अन्य संरक्षित व्यक्तियों, महत्वपूर्ण सरकारी भवनों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजधानी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
कानून तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 समेत अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत सभा या मार्च का हिस्सा न बनें और राजधानी में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।


