झारखंड में फ्लाइओवर-फुटब्रिज की मांग को लेकर लोगों का जल सत्याग्रह, चार साल पहले हुआ था शिलान्यास

झारखंड में फ्लाइओवर-फुटब्रिज की मांग को लेकर लोगों का जल सत्याग्रह, चार साल पहले हुआ था शिलान्यास

डेस्कः झारखंड की राजधानी रांची में कार्तिक उरांव फ्लाइओवर के बाद अब रातू रोड़ फ्लाइओवर के उद्घाटन की तारीख भी नजदीक आ गई है वहीं दूसरी ओर रांची से 2 घंटे की दूरी पर लातेहार जिला के चंदवा में एक फ्लाइओवर पिछले चार साल से शिलान्यास के बाद काम शुरू होने के इंतजार में है।

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फ्लाइओवर और फुटब्रिज का काम शुरू करने की मांग को लेकर चटुआग डैम में किसानों ने जल समाधि सत्याग्रह शुरू कर दिया है। सोमवार से शुरू हुआ ये सत्याग्रह मंगलवार को भी जारी रहा। पानी में खड़े स्थानीय किसान हाथ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे है। आंदोलन का नेतृत्व किसान अयूब खान कर रहे है।

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किसानों की मुख्य मांग है कि टोरी-चंदवा रेलवे क्रॉसिंग पर जल्द से जल्द फ्लाइओवर और फुटब्रिज का निर्माण शुरू हो। किसानों ने कहा कि 3 अप्रैल 2021 को फ्लाइओवर का शिलान्सास हुआ था। दो साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन चार साल बीतने के बाद भी अबतक काम शरू नहीं हो पाया है। 6 से 7 बार टेंडर निकल चुका हैं, फिर भी स्थिति जस की तस है।

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किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। उनकी प्रमुख मांगों में फ्लाइओवर के लिए नया प्राक्कलन स्वीकृति, भूमि और मकानों का पुनर्मल्यांकन कर मुआवजे में बढ़ोतरी, टोरी जक्शन के पास बंद पड़े फुटओवर ब्रिज का निर्माण शुरू करने, टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरब्रिज, टोरी से बालूमाथ तक पैसेंजर ट्रेन सेवा और भंडारगढ़ा-परसाही मार्ग पर अंडरब्रिज शामिल है।

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फ्लाइओवर निर्माण नहीं होने से यहां जाम की समस्या से स्थानीय लोग और इस मार्ग से जाने वाले लोग जुझते रहते है। रेलवे फाटक बंद होने के बाद लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसना पड़ता है। व्यस्त रूट होने की वजह से लंबे समय तक रेलवे फाटक बंद होता है। अगर एक बार कोई फाटक बंद में फंस गया तो उसका आधे से एक घंटे का समय यू ही बर्बाद हो जाता है। गुमला, लोहरदगा, रांची, गढ़वा, पलामू, लातेहार, हजारीबाग, चतरा, पटना और छत्तीसगढ़ जाने वाले लोग जाम से परेशान होते रहते है।

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