पटना में 70वीं BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल, प्रशांत किशोर सहित 600 से अधिक पर केस दर्ज

पटना में 70वीं BPSC अभ्यर्थियों की पुलिस के साथ झड़प, सड़क से हटाने के लिए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल

पटना: 70वीं बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे है अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। पुलिस ने अभ्यर्थियों को जेपी गोलंबर से खदेड़ दिया है। वे पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। आज वे गांधी मैदान से इस मकसद से निकले थे कि उनकी नीतीश कुमार सरकार से बातचीत होगी, लेकिन बीच में ही बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की गई। कैंडिडेट्स नहीं रुके और वे बैरिकेड्स को तोड़ते हुए आगे बढ़ते रहे। आखिर में जब वे जेपी गोलंबर पहुंचे तो पुलिस ने उनपर पानी की बौछारें कर दीं।इस मामले में पुलिस ने प्रशांत किशोर सहित 600 से अधिक लोगों पर प्रतिबंधित एरिया पर प्रदर्शन करने को लेकर एफआईआर दर्ज किया है।

पटना ज़िला प्रशासन #BPSC छात्रों को उकसाने और विधि व्यवस्था को भंग करने के आरोप में इनलोगों के ख़िलाफ़ F.I.R दर्ज किया है ..! *प्राथमिकी* 1.मनोज भारती (अध्यक्ष जन सुराज पार्टी) 2.रह्मांशु मिश्रा, कोचिंग संचालक 3. निखिल मणि तिवारी 4. ⁠सुभाष कुमार ठाकुर 5. ⁠शुभम स्नेहिल 6. ⁠प्रशांत किशोर ( एवं 2 बाउंसर जो प्रशांत किशोर के साथ थे) 7. ⁠आनंद मिश्रा 8. ⁠आर के मिश्रा ( राकेश कुमार मिश्रा ) 9. ⁠विष्णु कुमार 10. ⁠सुजीत कुमार (सुनामी कोचिंग) सहित कुल 21 नामजद और 600–700 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

70वीं बीपीएससी अभ्यर्थियों के लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन के बाद बिहार के मुख्य सचिव ने अभ्यर्थियों को बातचीत का प्रस्ताव दिया है। मुख्य सचिव ने आंदोलन खत्म करने को लेकर वार्ता करने के लिए पांच सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाया है। मुख्य सचिव की ओर से प्रस्ताव मिलने के बाद बातचीत अगर सफल हो जाती है तो अभ्यर्थी अपना प्रदर्शन खत्म कर सकते है।

70वीं बीपीएससी परीक्षा फिर से कराने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों ने रविवार को गांधी मैदान में इकट्ठा होकर खूब प्रदर्शन किया। गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने वाले अभ्यर्थियों को पुलिस ने मार्च के दौरान जेपी गोलंबर पर ही रोक दिया।

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इससे पहले अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचे प्रशांत किशोर को भी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रशांत किशोर का अभ्यर्थियों ने विरोध किया तो मामला हाथापाई तक जा पहुंची। प्रशांत किशोर के समर्थक और अभ्यर्थियों के बीच भी हाथापाई हुई। अभ्यर्थियों का कहना था कि ये उनका प्रदर्शन है इसे कोई प्रशांत किशोर, खान या रहमान सर हाईजैक नहीं करें। इससे पहले 27 दिसंबर को गांधी मैदान पहुंचे कोचिंग संचालक खान सर और रहमान सर को भी अभ्यर्थियों के विरोध का सामना करना पड़ा था।

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विरोध के बावजूद भी प्रशांत किशोर अभ्यर्थियों के समर्थन में डटे हुए है। उन्होने सीएम हाउस मार्च के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि “सरकार के प्रशासनिक अधिकारी यहां मौजूद थे, उन्होंने हमारे साथियों से बात की है और आश्वासन दिया है कि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि छात्रों की 5 सदस्यीय कमेटी अभी मुख्य सचिव से बात करेगी ताकि उनकी समस्याओं और मांगों पर कुछ निर्णय लिया जा सके। अगर मुख्य सचिव से बात करने के बाद BPSC अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होते हैं तो कल सुबह सभी एक साथ बैठेंगे… मैं छात्रों से अनुरोध करूंगा कि अभी ऐसा कुछ न करें जो कानून सम्मत न हो… अगर फैसला छात्रों के पक्ष में नहीं होता है, अगर छात्रों के साथ कोई अन्याय होता है तो हम पूरी ताकत से उनके साथ खड़े रहेंगे…”

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