पलामूः 2005 में हुई फायरिंग की एक चर्चित घटना में कुख्यात डॉन सुजीत सिन्हा और आरोपी मनोज दुबे को पलामू एडीजे-6 की अदालत ने बरी कर दिया है। न्यायाधीश राजकुमार मिश्रा की अदालत ने सबूतों के अभाव में यह फैसला सुनाया। यह मामला मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र के योध सिंह नामधारी महिला कॉलेज रोड का है। वर्ष 2005 में जावेद उर्फ गंगू पर अज्ञात अपराधियों ने फायरिंग की थी। इस घटना के बाद पुलिस ने सुजीत सिन्हा, बबलू दुबे, मनोज दुबे, डब्लू सिंह और विकास दुबे समेत कई आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। कुछ वर्ष पूर्व इस मामले में कई आरोपियों को बरी कर दिया गया था, लेकिन सुजीत सिन्हा और मनोज दुबे के खिलाफ ट्रायल जारी था।
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गुरुवार को अदालत ने दोनों को भी बरी कर दिया। सुजीत सिन्हा और मनोज दुबे के अधिवक्ता चितरंजन पांडेय ने बताया कि घटना 2005 की है और इसमें अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसी वजह से अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। गौरतलब है कि सुजीत सिन्हा हाल ही में चाईबासा जेल से पलामू सेंट्रल जेल में ट्रांसफर हुआ है। सुजीत सिन्हा झारखंड और बिहार में कई संगीन आपराधिक मामलों का आरोपी माना जाता है।अधिवक्ता चितरंजन पांडेय ने बताया कि सुजीत सिन्हा और मनोज दुबे को छोड़कर सभी आरोपी पहले ही बरी हो गए थे. दरअसल सुजीत सिन्हा कुछ दिनों पहले ही पलामू सेंट्रल जेल में ट्रांसफर हुआ है. सुजीत सिन्हा को चाईबासा जेल से पलामू सेंट्रल जेल ट्रांसफर किया गया है।









